तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया, सड़क हादसे में महिला अधिवक्ता की मौत

वार्ता ख़त्म 05 लाख नगद 02 लाख बाद में 04 हज़ार डालसा के तरफ़ से और बच्चा का पढ़ाई का पढ़ाई का खर्चा निजी तौर पर मनीष सिंह जी (सिंह मेन्शन )के तरफ़ से ।
डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया ।

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धनबाद में पेलोडर की चपेट में आने से बाइक सवार महिला अधिवक्ता नेहा वर्मा की मौत हो गयी, जबकि पति घायल हो गए. आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया. मृतका कोर्ट से अपने पति के साथ डिगवाडीह घर लौट रही थीं।

बस्ताकोला-जोड़ापोखर (धनबाद)- झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग कतरास मोड़ स्थित पुल के समीप सोमवार को पेलोडर (जेएच10एएफ-7252) की चपेट में आकर बाइक सवार महिला अधिवक्ता नेहा वर्मा (38 वर्ष) की घटनास्थल पर मौत हो गयी. बाइक चला रहे नेहा के पति श्यामसुंदर वर्मा सड़क हादसे में घायल हो गये. झरिया पुलिस ने पेलोडर को जब्त कर लिया और चालक को हिरासत में ले लिया. घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. सूचना पाकर धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सहाय, सचिव जीतेंद्र सिंह, पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी, धनबाद पुराना बाजार चेंबर आफ कॉमर्स के अध्यक्ष अजय लाल नारायण सहित अन्य अधिवक्ता वहां पहुंचे. वे मृतका के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे थे. अधिवक्ताओं ने झरिया पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

मुआवजे की मांग पर अड़े अधिवक्ता

झरिया थानेदार शशिरंजन कुमार ने अधिवक्ताओं से बातचीत की. अधिवक्ता बीसीसीएल सीएमडी को बुलाकर मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे थे. अधिवक्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि जब-तक मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक शव उठने नहीं दिया जायेगा. जमसं के महामंत्री सिद्धार्थ गौतम पहुंचे और बस्ताकोला महाप्रबंधक अनिल कुमार सिन्हा से दूरभाष पर बातचीत की. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि भेजकर मुआवजा के मुद्दे पर वार्ता करें. थानेदार शशिरंजन ने कहा कि चालक से पूछताछ की जा रही है. बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.

पति के साथ घर लौट रही थीं नेहा वर्मा

सोमवार को कोर्ट का काम संपन्न करने के बाद अपने पति के साथ डिगवाडीह गुरुद्वारा स्थित सीआरओ कॉलोनी लौट रही थीं. उसी दौरान विक्ट्री कोलियरी से जेएच10एएफ 7252 नंबर का बीसीसीएल का पेलोडर लेकर चालक भोला चौहान बोर्रागढ़ साइडिंग जा रहा था. उसी दौरान बाइक पेलोडर की चपेट में कतरास मोड़ के पास आ गयी.

तीन बच्चों की मां थीं अधिवक्ता

महिला अधिवक्ता दो पुत्री माही कुमारी और तान्या कुमारी और एक पुत्र आयुष की मां थीं. सूचना पाकर तीनों बच्चे घटनास्थल पहुंचे. बच्चे पिता से लिपटकर रोने लगे. मां का शव सड़क पर देख दहाड़ मार कर रोते रहे. इनके चीत्कार से लोगों की आंखें भी नम हो गयीं.

मां ने कहा था कि आकर खाना खाऊंगी : तान्या

बेटी तान्या यह कहकर बार-बार बेहोश हो रही थी कि मां ने उसे फोन कर कहा था कि वे कोर्ट से निकल गयी हैं. खाना घर आकर खायेंगी. मां के लिए खाना भी रख दिया था. इतना कह कर वह बेहोश हो जा रही थी. गांधी रोड धनसार और सिंदरी से घटनास्थल पहुंचे अन्य परिजन बच्चों को ढाढ़स बंधाने में जुटे थे.

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