Ranchi : झारखंड में गलत तरीके से फर्जीवाड़ा कर अरबों रूपये की सरकारी राशि की हेराफेरी हुई है. हाल के महीने में इस तरह के कई बड़े मामले सामने आये हैं, जिनमें करीब दो अरब से ज्यादा की सरकारी राशि का हेरफेर किया गया है. इनमें से कुछ मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) कर रही है. वहीं कुछ मामलों की जांच झारखंड पुलिस कर रही है. अब तक अरबों रूपये के हेरफेर में शामिल कई लोग गिरफ्तार भी चुके हैं.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!101.01 करोड़ का मिड डे मिल घोटाला
रांची स्थित हटिया के एसबीआई शाखा में झारखंड मिड डे मिल के खाते से भानु कंस्ट्रक्शन को 101.01 करोड़ ट्रांसफर किये गये. इस बात का खुलासा तब हुआ जब 19 सितंबर 2017 को राज्य निकाय ने बैकों को निर्देश दिया कि जिलों में मध्याह्न भोजन की राशि जारी की जाये. जांच में यह बात भी सामने आयी कि 16 अगस्त 2017 को भी भानु कंस्ट्रक्शन के संचालक संजय तिवारी ने अपनी कंपनी में काम करने वाले राजू वर्मा के खाते में 8 करोड़ 27 लाख ट्रांसफर किये. इसके बाद राजू वर्मा ने इन पैसों को अलग-अलग बैंक खातों में डाला. कुछ पैसों की नकद निकासी की गयी और कुछ से गाड़ियां खरीदी गयी. इस मामले की जांच ईडी कर रही है.
पेयजल स्वच्छता विभाग में फर्जी बिल बनाकर 20 करोड़ की निकासी
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के रुक्का प्रमंडल में हुई करोड़ों रुपये की वित्तीय घोटाला मामले में संतोष कुमार गिरफ्तार हुआ था. संतोष ने इस घोटाले को अंजाम देने के लिए दो निजी कंपनियां बनायी और अपने सगे-संबंधियों के 15 से अधिक अकाउंट खोले. इसके बाद उसने फर्जी बिल बनाकर रांची ट्रेजरी से करीब 20 करोड़ रुपये निकाले और इन खातों में डाल दिये. साल 2023 में रांची के सदर थाना में इस मामले में एफआईआर दर्ज करायी गयी थी. दरअसल पेयजल विभाग में साल 2012 में एलएडंटी कंपनी को रांची में पाइपलाइन बिछाने का काम दिया गया था. लेकिन कंपनी ने बीच में ही काम बंद कर दिया. इसके बाद विभाग के कुछ लोगों ने साजिश रची और किये काम के बदले दोबारा फर्जी बिल बना उसपर संबंधित लोगों के फर्जी हस्ताक्षर कर दिये. ट्रेजरी में नया कोड खुलवाकर एलएनटी को जो भुगतान हुआ था, उसका दोबारा भुगतान करा लिया.
जेटीडीसी के नाम पर फर्जी खाता खोलकर उसमें 10.40 करोड़ ट्रांसफर
झारखंड पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (जेटीडीसी) के नाम पर फर्जी खाता खोलकर उसमें 10.40 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का मामला सामने आया है. इसको लेकर धुर्वा थाना में गिरजा प्रसाद, आलोक कुमार और अमरजीत कुमार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. उल्लेखनीय है कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर तीन अक्टूबर को झारखंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के जीएम फाइनेंस द्वारा 10.4 करोड़ और झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मास्टर ट्रस्ट द्वारा नौ करोड़ की धोखाधड़ी कर फर्जी अकाउंट से निकासी की शिकायत दर्ज करायी गयी है. इसके बाद चार अक्टूबर को झारखंड ऊर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड ने 40.5 करोड़ और झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मास्टर ट्रस्ट ने 56.5 करोड़ की राशि का फर्जी अकाउंट से निकासी की शिकायत पोर्टल पर दर्ज करायी.