केंदुआडीह गैस रिसाव: एक और मौत से उबाल, शव रखकर सड़क जाम, कुल मौतें 3, आर-पार की लड़ाई का ऐलान

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

धनबाद (केंदुआडीह):

केंदुआडीह इलाके में लगातार हो रहे जहरीली गैस रिसाव के मामलों ने एक बार फिर जान ले ली है। गैस रिसाव की चपेट में आकर सुरेंद्र सिंह नामक व्यक्ति की मौत हो गई है। इस घटना के बाद क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है। मृतक की मौत के साथ ही इस हादसे में कुल मृतकों की संख्या तीन हो चुकी है, जिससे पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है।

घटना से आक्रोशित लोगों ने SNMMCH से शव को एम्बुलेंस में लेकर केंदुआडीह थाना के सामने धनबाद–कतरास मुख्य सड़क के एक लेन को जाम कर दिया। शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए हैं और स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है।

कोयला प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप

स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि बीसीसीएल और कोयला प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह तीसरी मौत हुई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गैस रिसाव को लेकर ठोस कदम उठाए जाते, तो इन कीमती जिंदगियों को बचाया जा सकता था। अब स्थानीय लोगों ने साफ शब्दों में आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

त्रिपक्षीय वार्ता में नियोजन पर सहमति

घटना के बाद संजीव सिंह के मौके पर पहुंचने के बाद बीसीसीएल, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता में मृतक सुरेंद्र सिंह की पत्नी को DAV संस्थान में नियोजन देने पर सहमति बनी है।

प्रशासन और सुरक्षा बल तैनात

स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पुटकी अंचल अधिकारी विकास आनंद, प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट आर.एन. ठाकुर, केंदुआडीह थाना प्रभारी, बीसीसीएल के अधिकारी तथा भारी संख्या में सीआईएसएफ बल तैनात किए गए हैं। प्रशासन हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है।

प्रशासन का बयान

पुटकी अंचल अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति के शव को यहां लाए जाने की सूचना मिली थी। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू कार्य चल रहा था और तकनीकी स्तर पर विशेषज्ञों द्वारा जरूरी कदम उठाए जा रहे थे। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप

स्थानीय निवासी कृष्णा रावत ने कोयला प्रबंधन को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि एक सप्ताह पहले ही प्रबंधन को चेताया गया था कि नया धौड़ा इलाके में गैस की मात्रा अधिक है और बोरहोल कर नाइट्रोजन फिलिंग की आवश्यकता है, लेकिन इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी लापरवाही के चलते यह तीसरी मौत हुई है।

FIR की चेतावनी

आक्रोशित लोगों ने ऐलान किया है कि इस मामले में सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR दर्ज कराई जाएगी। लोगों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

About Author

error: Content is protected !!