बाबूलाल मरांडी का बड़ा आरोप: “हाउस के निर्देश पर पुलिस-प्रशासन और कोल माफिया की साझेदारी में हो रही कोयले की लूट”
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रांची में प्रेसवार्ता कर बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार पर अवैध कोयला कारोबार में मिलीभगत का आरोप लगाया। कहा—धनबाद में प्रतिदिन 200 ट्रक कोयला अवैध रूप से निकाला जा रहा है।
रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर झारखंड में चल रहे अवैध कोयला कारोबार को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
मरांडी ने कहा कि अब कोयला चोरी ‘साझेदारी मॉडल’ पर चल रही है, जहाँ पुलिस प्रशासन और कोल माफिया मिलकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि धनबाद के निरसा, बाघमारा और झरिया के 30–40 साइट्स से प्रतिदिन 150–200 ट्रक कोयला निकालकर 8–10 हजार प्रति टन का अवैध कारोबार किया जा रहा है।
मरांडी ने आरोप लगाया कि कोल साइट प्राप्त करने के लिए “हाउस” की अनुमति अनिवार्य है और हाउस से फोन आने पर एसएसपी साइट को मंजूरी देते हैं। इसके लिए एडवांस के रूप में ₹1 करोड़ तक लिए जाने की भी बात कही।
उन्होंने कई अधिकारियों—जिनमें थाना प्रभारी, डीएसपी, एसडीओ, ग्रामीण एसपी, खनन अधिकारी और अंचलाधिकारी—पर अवैध कारोबार में संलिप्त होने का आरोप लगाया।
मरांडी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन आरोपों को गलत मानते हैं, तो इसकी उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।