जब विश्वविद्यालय परिसर में गूंजा — “श्रीराम नाम सत्य है, मेरा वीसी मर गया”
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धनबाद — विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय का परिसर बुधवार को उस समय नारों से गूंज उठा, जब आजसू छात्र संघ के कार्यकर्ताओं ने कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली।
कंधों पर पुतला, हाथों में झंडे और जुबां पर नारे — “श्रीराम नाम सत्य है, मेरा वीसी मर गया” — माहौल को आंदोलित कर रहे थे। यह कोई अंतिम यात्रा नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली के मृत विवेक की प्रतीकात्मक शव यात्रा थी।
छात्रों ने वीसी, रजिस्ट्रार, पीएचडी सेल और डीएसडब्ल्यू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में पारदर्शिता खत्म हो चुकी है। छात्रहितों की अनदेखी की जा रही है और मनमानी अपने चरम पर है।
आक्रोशित छात्रों का कहना था कि यह पुतला विश्वविद्यालय प्रशासन के अंदर मर चुकी संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रतीक है। उनका स्पष्ट कहना था कि जब तक छात्रहितों का सम्मान नहीं होगा, विरोध की आग और तेज होती जाएगी।
धूप में तपते चेहरे, जोश से भरे नारे और विश्वविद्यालय परिसर में गूंजती आवाजें — आजसू छात्र संघ के उस असंतोष की गवाही दे रही थीं, जो अब चुप रहने को तैयार नहीं।