BCCL के वाहनों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी: रोड टैक्स और फिटनेस को लेकर परिवहन विभाग गंभीर!

BCCL के वाहनों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी: रोड टैक्स और फिटनेस को लेकर परिवहन विभाग गंभीर!

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धनबाद: उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर जिला परिवहन विभाग ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के विभिन्न एरिया में कोयला परिवहन के लिए चल रहे भारी वाहनों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन और फिटनेस से जुड़े नियमों के उल्लंघन को लेकर की जा रही है।

1,500 से अधिक वाहनों के कागजात अपडेट नहीं

जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी द्विवेदी ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर विभाग ने BCCL में चल रहे करीब 1,500 छोटे-बड़े और भारी वाहनों का विश्लेषण किया है।
इस जांच में कई वाहनों के कागजात पुराने या फेल पाए गए हैं।
इसी महीने परिवहन विभाग BCCL प्रबंधन को औपचारिक नोटिस जारी करने की तैयारी में है।

कई वाहनों के रोड टैक्स और फिटनेस प्रमाणपत्र नवीनीकृत नहीं हैं।

पुराने वाहनों का रिकॉर्ड बीसीसीएल के पास उपलब्ध नहीं है।

खदान एरिया के वाहन आम सड़कों पर भी चल रहे हैं, जिससे आमजन की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।

टैक्स समय पर जमा न होने से राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।

मोटरयान अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई

जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि सभी वाहनों की भौतिक जांच के साथ-साथ
ऑनलाइन वाहन पोर्टल और JIMMS पोर्टल पर भी निगरानी की जा रही है।
जिन वाहनों में दस्तावेज़ों में गड़बड़ी पाई जाएगी, उन पर
मोटरयान अधिनियम और झारखंड टैक्सेशन एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।
विभाग जल्द ही इन वाहनों से बकाया रोड टैक्स की वसूली भी शुरू करेगा।

साथ ही, बीसीसीएल को अपने सभी वाहनों की पूरी सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है।
जिला खनन विभाग से भी सहयोग लिया जा रहा है,
क्योंकि खनन चालान और परमिट वहीं से जारी होते हैं।

सवाल उठता है: जिम्मेदारी किसकी?

राजस्व और सुरक्षा — दोनों पर असर डालने वाला यह मामला
अब एक बड़े प्रशासनिक सवाल में बदल गया है

क्या सरकारी कंपनी के वाहन कानून से ऊपर हैं?
BCCL प्रबंधन, परिवहन विभाग या ठेका एजेंसियाँ — जवाबदेही तय कौन करेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को अब ठोस कदम उठाने होंगे —

हर खदान गेट पर डिजिटल फिटनेस-चेक पॉइंट बनाया जाए।

फिटनेस और बीमा सत्यापन के लिए RFID स्कैनिंग सिस्टम लागू हो।

बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया जाए।

और सबसे अहम — खदान क्षेत्र के वाहनों को आम सड़कों पर आने से रोका जाए।

Prime News 24 का सवाल

“जब सरकारी कंपनी के वाहन ही नियमों की अनदेखी करें,
तो आम जनता से कानून पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है?”

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