कितना खतरनाक था कुख्यात डब्लू यादव? मुठभेड़ में ढेर होने के बाद खुली उसकी क्राइम कुंडली

कितना खतरनाक था कुख्यात डब्लू यादव? मुठभेड़ में ढेर होने के बाद खुली उसकी क्राइम कुंडली

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हापुड़/बिहार:
बिहार के कुख्यात गैंगस्टर डब्लू यादव को आखिरकार पुलिस ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया। लंबे समय से फरार डब्लू यादव पर कई संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और उस पर 2025 में एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता की हत्या का भी गंभीर आरोप था। यूपी पुलिस को उसकी लोकेशन की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कार्रवाई करते हुए उसे घेर लिया।

कैसे हुआ एनकाउंटर?
हापुड़ जिले के पिलखुवा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात पुलिस और डब्लू यादव के बीच करीब 20 मिनट तक मुठभेड़ चली। जवाबी कार्रवाई में डब्लू यादव गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। घटनास्थल से एक पिस्टल, कई जिंदा कारतूस और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ।

कौन था डब्लू यादव?

मूल रूप से बिहार के सिवान जिले का रहने वाला डब्लू यादव अपराध की दुनिया में 2012 से सक्रिय था।

उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी वसूली और अवैध हथियार रखने जैसे 20 से अधिक केस दर्ज थे।

वह बिहार के साथ-साथ झारखंड और उत्तर प्रदेश के अपराधियों से भी जुड़ा हुआ था।

वर्ष 2025 में पटना में एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता की हत्या के बाद वह फरार हो गया था और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पनाह ले रहा था।

पुलिस रडार पर कैसे आया?
सूत्रों के अनुसार, STF को पिछले कुछ हफ्तों से इनपुट मिल रहे थे कि डब्लू यादव पिलखुवा इलाके में एक फर्जी नाम से रह रहा है और फिर से संगठित होकर गैंग तैयार कर रहा है। एक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।

क्यों था यह एनकाउंटर महत्वपूर्ण?
डब्लू यादव की गिरफ्तारी या मौत बिहार और यूपी दोनों राज्यों की पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, क्योंकि उसकी गतिविधियां दो राज्यों में अपराधियों के नेटवर्क को मजबूत कर रही थीं।

 

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