आफताब अंसारी की संदिग्ध मौत पर सियासी घमासान तेज, BJP-कांग्रेस आमने-सामने, JLKM ने भी साधा कांग्रेस पर निशाना
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रामगढ़ में आफताब अंसारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सियासत गरमा गई है। इस प्रकरण में हिंदू धर्म रक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिन्हा की गिरफ्तारी ने आग में घी का काम किया है।
बीजेपी के हमलावर तेवर:
हजारीबाग से भाजपा सांसद मनीष जायसवाल और बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने इस गिरफ्तारी पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया और कहा कि एकतरफा कार्रवाई कर मामले को राजनीतिक मोड़ दिया जा रहा है। दोनों नेताओं ने रामगढ़ एसपी अजय कुमार को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कांग्रेस का पलटवार:
वहीं, कांग्रेस नेता और मंत्री इरफान अंसारी तथा रामगढ़ की विधायक ममता देवी ने आफताब अंसारी को निर्दोष बताया और कहा कि बाबूलाल मरांडी और हिंदू टाइगर फोर्स जैसे संगठनों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इसे सांप्रदायिक नफरत फैलाने की साजिश करार दिया।
JLKM की एंट्री और हंगामा:
मामले में तीसरी राजनीतिक ताकत झारखंड लोक कल्याण मंच (JLKM) भी कूद पड़ी है। JLKM ने आदिवासी अस्मिता का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। रामगढ़ पोस्टमार्टम हाउस के बाहर JLKM कार्यकर्ताओं और कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष सहजादा अनवर के बीच जमकर बहस हुई। दोनों पक्षों में तू-तू, मैं-मैं के साथ जमकर हंगामा हुआ। JLKM कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इंडिया ब्लॉक की सरकार आदिवासियों के साथ अन्याय कर रही है और वे पीड़िता आदिवासी युवती ज्योति को न्याय दिलाने के लिए संघर्षरत हैं।
पोस्टमार्टम हाउस के सामने हुए हंगामे के चलते इलाके में पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।