पूर्व DC छवि रंजन की क्रिमिनल रिट पर हाई कोर्ट ने ED से मांगा जवाब, अगली सुनवाई 18 जुलाई को

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रांची – सेना की जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर मामले में फंसे झारखंड के निलंबित IAS अधिकारी एवं रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन की क्रिमिनल रिट याचिका पर शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी।

क्या है मामला?

ED ने रांची के बड़गाईं अंचल स्थित सेना के कब्जे वाली करीब 4.55 एकड़ भूमि की फर्जी खरीद-बिक्री और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में छवि रंजन को मुख्य आरोपी बनाया है। इस मामले में उनके साथ कई अन्य आरोपी हैं, जिनमें कारोबारी विष्णु अग्रवाल, राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, प्रदीप बागची, अफसर अली, इम्तियाज खान, तल्हा खान, फैयाज खान, मोहम्मद सद्दाम, अमित अग्रवाल और दिलीप घोष शामिल हैं।

ED ने वर्ष 2023 में छवि रंजन को गिरफ्तार किया था, तब से वह रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में हैं।

छवि रंजन की याचिका में क्या कहा गया?

छवि रंजन ने हाई कोर्ट में दायर क्रिमिनल रिट याचिका के माध्यम से PMLA की विशेष कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान को चुनौती दी है। उनका कहना है कि अभियोजन स्वीकृति (प्रॉसिक्यूशन सैंक्शन) के बिना उनके खिलाफ मुकदमा चलाना कानूनसम्मत नहीं है। उनके वकील ने दलील दी कि ED के पास उनके खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं हैं और लगाए गए आरोप निराधार हैं।

ED का पक्ष

प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि छवि रंजन ने उपायुक्त रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर सेना की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से ट्रांसफर किया। इस घोटाले में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग की बात कही गई है। जांच के दौरान ED ने कई स्थानों पर छापेमारी कर नकदी, जमीन के कागजात, डिजिटल डिवाइस और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए थे।

पिछली कार्रवाई

2024 में विशेष PMLA कोर्ट ने छवि रंजन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने माना था कि उन पर गंभीर आरोप हैं और वह एक प्रभावशाली व्यक्ति होने के कारण गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके बाद रंजन ने झारखंड हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर अभी विचार लंबित है।

नजर अगली सुनवाई पर

अब इस बहुचर्चित मामले में सबकी नजर 18 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां ED को अपने पक्ष में जवाब दाखिल करना है।

About Author

error: Content is protected !!