झारखंड : लातेहार : मारे गये 15 लाख के ईनामी टॉप माओवादी कमांडर छोटू खरवार के पेट में बम ट्रांसप्लांट किये जाने की खबर के बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ता डेड बॉडी की जांच गहनता से कर रही है। छोटू खरवार के पेट में कुछ ऐसे निशान मिले हैं, जिसके बाद पुलिस की शंका बढ़ गई है। पलामू के DIG वाईएस रमेश ने मीडिया को बताया कि नक्सली छोटू खेरवार के पेट में कुछ संदेहास्पद निशान मिले हैं, जिसके आधार पर बम निरोधक दस्ता उसकी जांच कर रही है। इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कुख्यात छोटू खेरवार की हत्या किसने और क्यों की, इसका खुलासा फिलहाल नहीं हो पाया है, वैसे पुलिस को शक है कि आपसी रंजिश और वर्चस्व के खेल में छोटू खेरवार मारा गया। हो सकता है कि उसे मारने में किसी नक्सली का ही हाथ हो, कारण छोटू खेरवार का संगठन में कद बढ़ता जा रहा था। वैसे भी अब नक्सली संगठनों में कोई दम नहीं रहा। इक्का-दूक्का नक्सली रह गये हैं, जो आपसी लड़ाई में ही मारे जा रहे हैं। छोटू खेरवार के मारे जाने के बाद पेट के अंदर बम लगाने में माहिर नक्सली मृत्युंजय भुइयां और मनीष यादव का नाम अचानक उछलकर सामने आया है। साल 2013 में शहीद CRPF के जवान के पेट में बम लगाने में भी इन दोनों का नाम सामने आया था। यहां याद दिला दें कि कुख्यात छोटू खेरवार की लाश लातेहार के छिपादोहर थाना क्षेत्र के भीमपाव जंगल में बुधवार सुबह मिली थी।
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