धनबाद: 108 एंबुलेंसों के चालकों व ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) को 3 महीने से वेतन का भुगतान नहीं होने के कारण सोमवार से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। इससे जिले के गरीब मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। 108 एंबुलेंस चालकों, सह चालकों और टेक्निशियंस की हड़ताल का नेतृत्व कर रही झारखंड मजदूर मोर्चा संघ ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगों के लिए लिखित आश्वासन किसी राजस्तरीय पदाधिकारी द्वारा देने के बाद ही – हड़ताल खत्म की जाएगी..
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने बताया कि हड़ताल को राजस्तरीय है। इसलिए राज्य स्तर के पदाधिकारी लिखित आश्वासन दें कि कब तक बकाया वेतन दिया जाएगा। उनका पिछले 6 साल तक पीएफ कटा है लेकिन वर्तमान एजेंसी पीएफ नहीं काट रही है। वह कब जमा किया जाएगा, ईएसआई का लाभ भी दिया जाए। राज्य के 4000 एंबुलेंस कर्मी मरीजों को सेवा दे रहे हैं। वह जान जोखिम में डालकर बिना संक्रमण के डर के कार्य करते हैं। एंबुलेंस का मेंटेनेंस भी ठीक नहीं रहता फिर भी उसी संसाधन में कार्य करते हैं ऐसे में उनका बुनियादी हक मिले इसलिए हड़ताल की गई है। जबतक उनकी मांगें लिखित रूप से पूरी नहीं होती हड़ताल जारी रहेगी..
हड़ताल की वजह से हायर सेंटर रेफर नहीं हो रहे मरीज
बताते चलें कि हड़ताल से जिले भर में 108 एंबुलेंस का परिचालन पूरी तरह ठप है। पहले दिन से ही गरीब मरीजों को परेशानी हो रही है। सबसे अधिक परेशानी जिले से हायर सेंटर में रेफर मरीजों को हो रही है। बुधवार को अधिकतर रेफर मरीजों के परिजनों ने मिन्नत कर अस्पताल में रहने देने का आग्रह किया..
1 महीने का वेतन रिलीज, अन्य मुद्दों पर होगी वार्ता
एंबुलेंस कर्मियों का बकाया एक महीने का वेतन रिलीज कर दिया गया है। आशा है कि गुरुवार से सभी काम पर वापस आ जाएंगे। स्थायीकरण, समान वेतन, पीएफ और ईएसआई के लिए विभाग से वार्ता की जाएगी..