दुमका-काठीकुंड नक्सली हमला: आरोपी राजकुमार भगत की क्रिमिनल अपील हाईकोर्ट से खारिज

 

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2013 में पाकुड़ एसपी अमरजीत बलिहार समेत पांच पुलिसकर्मी हुए थे शहीद

रांची। वर्ष 2013 के बहुचर्चित दुमका-काठीकुंड नक्सली हमले के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने आरोपी राजकुमार भगत को राहत देने से इनकार करते हुए उसकी क्रिमिनल अपील खारिज कर दी। इस हमले में तत्कालीन पाकुड़ एसपी अमरजीत बलिहार समेत पांच पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।

जामनी जंगल में घात लगाकर हुआ था हमला

घटना 2 जुलाई 2013 की है। तत्कालीन पाकुड़ एसपी अमरजीत बलिहार दुमका में आयोजित सुरक्षा समीक्षा बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। बैठक समाप्त होने के बाद वे अपने सुरक्षा दस्ते के साथ सरकारी वाहन से पाकुड़ लौट रहे थे।

इसी दौरान दुमका-पाकुड़ मुख्य मार्ग पर काठीकुंड थाना क्षेत्र के जामनी जंगल के पास घात लगाए माओवादियों ने पुलिस काफिले को निशाना बनाया। पहले बारूदी सुरंग में विस्फोट किया गया और इसके बाद पुलिस टीम पर फायरिंग की गई। अचानक हुए इस हमले में एसपी अमरजीत बलिहार समेत पांच पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।

काठीकुंड थाना में दर्ज हुआ था मामला

घटना के बाद काठीकुंड थाना में कांड संख्या 55/2013 दर्ज किया गया था। पुलिस अनुसंधान के बाद आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई। मामले में UAPA, CLA Act और आर्म्स एक्ट समेत अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई थी।

निचली अदालत की कार्यवाही को दी थी चुनौती

मामले में आरोपी राजकुमार भगत ने निचली अदालत की कार्यवाही और मामले में सामने आए साक्ष्यों को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल अपील दाखिल की थी। अपील के माध्यम से आरोपी की ओर से राहत की मांग की गई थी।

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपील को खारिज कर दिया। इसके साथ ही आरोपी राजकुमार भगत को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली और निचली अदालत की कार्यवाही के खिलाफ उसकी चुनौती असफल रही।

रिपोर्ट: Prime News24

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