

घर तोड़कर 65 वर्षीय बुजुर्ग को 200 मीटर दूर फेंका, पैर टूटा; वन विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश
पश्चिमी टुंडी: पश्चिमी टुंडी के जाताखुटी पंचायत अंतर्गत चरक के ढोंगाबेड़ा गांव में शनिवार की देर रात करीब 35 जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के झुंड ने गांव में प्रवेश कर करीब एक दर्जन घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा धान और मकई की फसलों को भी रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया।
हाथियों के हमले में 65 वर्षीय मोती मोहली गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया कि हाथियों ने उनका घर तोड़ दिया और उन्हें घर से बाहर निकालकर करीब 200 मीटर दूर ले जाकर फेंक दिया। घटना में उनका पैर टूट गया। घायल बुजुर्ग को तत्काल इलाज की आवश्यकता पड़ी।
घटना की सूचना मिलने के बाद भाजपा धनबाद ग्रामीण जिलाध्यक्ष मोहन कुंभकार के नेतृत्व में भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
ग्रामीणों एवं स्थानीय निवासी भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री दिनेश सिंह तथा मुखिया प्रतिनिधि शक्ति हेम्ब्रम ने बताया कि हाथियों के गांव में प्रवेश के बाद वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने के लिए रातभर लगातार फोन किया गया, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद किसी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
वन विभाग की कथित उदासीनता से नाराज ग्रामीण घटनास्थल पर ही विभाग के उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। करीब छह घंटे बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया तथा तत्काल राहत उपलब्ध कराने की बात कही, जिसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।
ग्रामीणों ने मांग की कि हाथियों के बढ़ते आतंक से गांवों को बचाने के लिए वन विभाग ठोस और स्थायी व्यवस्था करे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मौके पर जिला परिषद सदस्य मीना हेम्ब्रम, भाजपा टुंडी प्रखंड अध्यक्ष गोविन्द टुडू, तिलक मंडल, चंद्र मोहन राय, नागेश्वर पंडित, नकुल सिंह, किशोर हेम्ब्रम, दिनेश हेम्ब्रम सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।