Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
चाईबासा/सरायकेला: झारखंड में कमजोर पड़ रहा नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। कोल्हान क्षेत्र में सुरक्षा बलों को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली। लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमांडर सलुका कायम समेत चार हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के समक्ष हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
कोल्हान पुलिस मुख्यालय में आयोजित आत्मसमर्पण कार्यक्रम के दौरान चारों नक्सलियों ने झारखंड सरकार की उग्रवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया। इस दौरान सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में नक्सलियों ने हथियार पुलिस के हवाले किए।
बताया जा रहा है कि सलुका कायम लंबे समय से कोल्हान क्षेत्र में नक्सली संगठन के लिए सक्रिय था और उसके ऊपर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके आत्मसमर्पण को सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पिछले कुछ समय में कोल्हान समेत झारखंड के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से नक्सली संगठन पर दबाव बढ़ा है। कई बड़े इनामी नक्सलियों की गिरफ्तारी और मुठभेड़ों के बाद संगठन की गतिविधियां कमजोर हुई हैं। अब लगातार हो रहे आत्मसमर्पण से यह संकेत मिल रहा है कि नक्सली संगठन के भीतर भी मुख्यधारा में लौटने की इच्छा बढ़ रही है।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें बेहतर भविष्य का अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है। चार नक्सलियों का एक साथ आत्मसमर्पण कोल्हान में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।