बंगाल में बढ़ा बर्ड फ्लू का खतरा, सख्त प्रोटोकॉल लागू, झारखंड से मुर्गे मंगाने पर प्रतिबंध

पशुपालन विभाग ने राज्य के सभी पोल्ट्री फार्मों को अपने यूनिट में जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है. यह सुनिश्चित करने के लिए नियमित और औचक जांच की जा रही है कि पोल्ट्री फार्म इन प्रोटोकॉल का पालन कर रही हैं या नहीं.

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वेस्ट बंगाल : पश्चिम बंगाल के पड़ोसी राज्य झारखंड में एवियन फ्लू (एच5एन1) वायरस मिलने के बाद यहां की सरकार ने राज्य में कड़े प्रोटोकॉल लागू कर दिये हैं. राज्य सरकार ने झारखंड से मुर्गे मंगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा पर विशेष जांच की जा रही है, ताकि झारखंड से मुर्गा किसी भी जिले में न पहुंच सके.

सीमा पर हो रही विशेष निगरानी

राज्य पशुपालन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि स्थिति गंभीर है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. साथ ही पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश सीमा से सटे इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है. इन क्षेत्रों में जिला स्तरीय निगरानी टीमें बनायी गई हैं, जो स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज रही हैं.

जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन

पशुपालन विभाग ने राज्य के सभी पोल्ट्री फार्मों को अपनी यूनिट में जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है. यह सुनिश्चित करने के लिए नियमित और औचक जांच की जा रही है कि पोल्ट्री फार्म इन प्रोटोकॉल का पालन कर रही हैं या नहीं.

चलाया जा रहा जागरूकता कार्यक्रम

संक्रमण फैलने की आशंका वाले केंद्रों की पहचान कर सख्त निगरानी शुरू कर दी गयी है. साथ ही, जिलों में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को बर्ड फ्लू के खतरे से सचेत किया जा सके. हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे इस वायरस के संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं.

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