‘जीरो कोल लीकेज’ के दावों पर सवाल, झरिया-कतरास मोड़ से गोपाली चौक तक सड़क किनारे कथित कोयला जमा करने का आरोप
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धनबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सख्त निर्देशों के बाद धनबाद में अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी पर कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं। इसके बावजूद झरिया-कतरास मोड़ से गोपाली चौक तक सड़क किनारे कथित रूप से कोयला जमा करने और उसे छोटे वाहनों के जरिए दूसरी जगह भेजने का मामला सामने आने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, राजापुर से बीएनआर साइडिंग की ओर होने वाली कोयला ढुलाई के दौरान कतरास मोड़ से गोपाली चौक के बीच कुछ हाइवा से कोयले के बड़े टुकड़े सड़क पर गिरने का आरोप है। दावा है कि इसके बाद कुछ लोग सड़क से कोयला उठाकर किनारे जमा करते हैं। बाद में ऑटो और अन्य छोटे वाहनों के माध्यम से कोयले को बोरियों में भरकर एक जगह एकत्र किया जाता है और रात के समय बड़े वाहन से दूसरे स्थान पर भेजे जाने की बात कही जा रही है।
सड़क पर गिर रहे कोयले से हादसे का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर कोयला गिरने से बाइक सवारों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों का आरोप है कि कई बार सड़क पर पड़े कोयले के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। उनका कहना है कि यदि चलते हाइवा से अचानक बड़ी मात्रा में कोयला सड़क पर गिर जाए तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
CISF की निगरानी को लेकर भी सवाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले इस मार्ग पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की निगरानी बढ़ाए जाने के बाद कथित कोयला उठाने की गतिविधियों में कमी आई थी। लोगों का दावा है कि निगरानी कम होने के बाद एक बार फिर सड़क किनारे कोयला जमा करने की गतिविधियां शुरू होने की बात सामने आ रही है।
ऐसे में सवाल है कि यदि सड़क पर लगातार कोयला गिरने और उसे उठाकर जमा करने की गतिविधि हो रही है, तो निगरानी में लगे अधिकारियों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ रही है?
शैलेन्द्र सिंह और नन्हे सिंह को लेकर स्थानीय लोगों के आरोप
स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने शैलेन्द्र सिंह और उनके भाई नन्हे सिंह का नाम लेते हुए आरोप लगाया है कि कथित रूप से इस कोयला कारोबार से उनका संबंध है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में दोनों पक्षों का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।
ऐसे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित विभागों की कार्रवाई के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
5 जुलाई की उच्चस्तरीय बैठक के बाद भी सवाल
गौरतलब है कि 5 जुलाई को नई दिल्ली में अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी को लेकर उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। बैठक में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी समेत गृह मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, CISF, Coal India Limited और BCCL के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे।
बैठक में अवैध कोयला खनन और चोरी पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर सख्त रुख अपनाए जाने की बात कही गई थी। ऐसे में धनबाद के इस मार्ग पर कथित रूप से कोयला जमा करने और उसे दूसरे स्थान पर भेजने की गतिविधियों के आरोप सामने आना जमीनी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
अब जांच और कार्रवाई का इंतजार
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि झरिया-कतरास मोड़ से गोपाली चौक तक कोयला ढुलाई करने वाले वाहनों की निगरानी बढ़ाई जाए और सड़क पर कोयला गिरने की घटनाओं की जांच की जाए। साथ ही, यदि सड़क किनारे अवैध रूप से कोयला जमा कर उसका परिवहन किया जा रहा है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित विभाग इन आरोपों की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं और कथित कोयला लीकेज की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।