मेयर समर्थक सुमन सिन्हा पर हमले से गरमाई बाघमारा की सियासत, सिद्धार्थ गौतम बोले- जनता खत्म करेगी 15 साल का ‘आतंकराज’

धनबाद: बरोरा थाना क्षेत्र के जमुआटांड़ में धनबाद मेयर संजीव सिंह के करीबी समर्थक सुमन सिन्हा पर हुए कथित हमले के बाद बाघमारा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। घटना को लेकर सिंह मेंशन की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार बुधवार को मेयर संजीव सिंह बाघमारा के माटीगढ़ में आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया था। इसी कार्यक्रम में उनके समर्थक सुमन सिन्हा भी मौजूद थे और आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

आरोप है कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सुमन सिन्हा अपने दो साथियों के साथ कार से धनबाद लौट रहे थे। इसी दौरान जमुआटांड़ के समीप बाइक सवार कुछ नकाबपोश लोगों ने उनकी गाड़ी को रोकने और हमला करने का प्रयास किया। सुमन सिन्हा ने किसी तरह वाहन को तेज गति से निकालकर वहां से अपनी जान बचाई और बाद में बरोरा थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।

घटना की सूचना मिलने के बाद मेयर संजीव सिंह के छोटे भाई सिद्धार्थ गौतम पीड़ित से मिलने पहुंचे। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि बाघमारा में लोकतांत्रिक माहौल को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

सिद्धार्थ गौतम ने कहा कि क्षेत्र में लोगों को अपनी स्वतंत्र राय रखने तक की आजादी नहीं है और विरोधियों को डराने-धमकाने का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंह मेंशन की बढ़ती लोकप्रियता से कुछ लोग परेशान हैं और समर्थकों पर हमले करवाकर राजनीतिक प्रभाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बाघमारा के हालात चिंताजनक हैं और इसकी तुलना राजनीतिक हिंसा वाले क्षेत्रों से की जा सकती है। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सिद्धार्थ गौतम ने दावा किया कि क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक तरीके से पिछले 15 वर्षों से चले आ रहे कथित “आतंकराज” का अंत करेगी।
वहीं पीड़ित सुमन सिन्हा ने भी आरोप लगाया कि उनकी राजनीतिक सक्रियता और जनसमर्थन से घबराए लोगों ने इस घटना को अंजाम दिलाया है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी प्रकार की धमकी या हमले से डरने वाले नहीं हैं और जनता के बीच पहले की तरह सक्रिय रहेंगे।
इधर बाघमारा के एसडीपीओ अजित कुमार विमल ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह केवल एक आपराधिक घटना है या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश है। हालांकि इस घटना ने बाघमारा की राजनीति में नई बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जरूर शुरू कर दिया है।