धनबाद में नेशनल लोक अदालत का बड़ा रिकॉर्ड, 3,34,710 मामलों का निपटारा, 161 करोड़ से अधिक की रिकवरी
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सड़क हादसे में माता-पिता खोने वाले युवक को 1.38 करोड़ का मुआवजा, विधवा को मिला 82 लाख का चेक

धनबाद : नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) के निर्देश पर वर्ष 2026 के पहले सत्र में धनबाद में आयोजित नेशनल लोक अदालत ने बड़ा रिकॉर्ड कायम किया है। इस लोक अदालत के माध्यम से कुल 3,34,710 मामलों का निपटारा किया गया और 1,61,34,71,000 रुपये की रिकवरी सुनिश्चित की गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के चेयरमैन निकेश कुमार सिन्हा ने सड़क दुर्घटना में अपने माता-पिता को खो चुके प्रभु साव को 1 करोड़ 38 लाख रुपये का मुआवजा चेक प्रदान किया। वहीं सड़क दुर्घटना में पति को खो चुकी एक महिला को 82 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया।
नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन जमशेदपुर से ऑनलाइन किया गया, जहां न्यायमूर्ति सुजित नारायण प्रसाद ने कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि लोक अदालत संविधान की भावना के अनुरूप सस्ता, त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को कोर्ट के लंबे मुकदमों और अनावश्यक खर्च से राहत मिलती है, जिससे समाज में शांति और सौहार्द भी बना रहता है।
अवर न्यायाधीश सह सचिव मयंक तुषार टोपनो ने बताया कि इस नेशनल लोक अदालत में कुल 13 बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों के माध्यम से सिर्फ पहले दो घंटों में ही 2,54,975 प्रिलिटिगेशन मामलों का निपटारा किया गया, जिससे 1,36,43,70,931 रुपये की रिकवरी हुई।
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल और प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इसके अलावा चार बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना में शामिल किया गया, जबकि 40 बच्चों को श्रम विभाग की स्कॉलरशिप योजना का लाभ दिया गया।
इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, बार एसोसिएशन के अधिवक्ता और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य समाज में प्रेम, शांति, समृद्धि और न्याय की स्थापना करना है।