जामताड़ा में साइबर ठगों की बड़ी हिमाकत: एसपी को ही बनाया निशाना, 4 गिरफ्तार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!SBI YONO ऐप अपडेट के नाम पर ठगी की कोशिश, कर्माटांड़ से 7 मोबाइल और 8 सिम कार्ड बरामद
जामताड़ा/धनबाद
साइबर क्राइम कैपिटल के रूप में कुख्यात जामताड़ा से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां के साइबर अपराधियों ने दुस्साहस दिखाते हुए सीधे जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) को ही ठगी का शिकार बनाने की कोशिश की। हालांकि उनकी चाल उल्टी पड़ गई और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सीधे एसपी को किया कॉल
अपराधियों ने एसबीआई के YONO (योनो) ऐप में तकनीकी समस्या का हवाला देते हुए एसपी को फोन किया। खुद को दिल्ली स्थित हेड ऑफिस का अधिकारी बताकर उन्होंने कहा कि ऐप को तुरंत अपडेट करना जरूरी है और इसके लिए एक लिंक भी भेजा।
लेकिन एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल साइबर थाना पुलिस को सक्रिय किया। तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने कर्माटांड़ इलाके में छापेमारी कर चार साइबर अपराधियों को धर दबोचा।
कर्माटांड़ से चार गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
इब्राहिम अंसारी (ग्राम पांडेडीह, थाना अहिल्यापुर, जिला गिरिडीह)
हुसैन अंसारी (26 वर्ष)
शाकिर अंसारी उर्फ लालू
सिराज अंसारी
पुलिस ने इनके पास से 7 मोबाइल फोन और 8 सिम कार्ड बरामद किए हैं।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे:
YONO ऐप चालू या अपडेट कराने के नाम पर कॉल करते थे
व्हाट्सएप और स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए मोबाइल स्क्रीन शेयर करवाते थे
यूजर आईडी और पासवर्ड बनवाते थे
ओटीपी मिलते ही नेट बैंकिंग खातों से पैसे उड़ा लेते थे
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह ई-कॉमर्स साइट्स से ग्राहकों की जानकारी जुटाकर देशभर में सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है।
धनबाद में भी सक्रिय है साइबर गिरोह
इधर धनबाद में भी एक अलग तरह का साइबर गिरोह सक्रिय है। ये लोग फोन कर बताते हैं कि कोई अधिकारी आपसे स्पष्टीकरण लेना चाहता है और तुरंत एक नंबर पर संपर्क करने को कहते हैं। कई लोग इस झांसे में आ रहे हैं।
स्पष्ट है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं।
साइबर सुरक्षा सलाह
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
OTP, यूजर आईडी, पासवर्ड किसी से साझा न करें
स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने से बचें
ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें