केंदुआडीह में गैस रिसाव पर उबाल, दो महिलाओं की मौत, सड़क जाम

केंदुआडीह में गैस रिसाव पर उबाल, दो महिलाओं की मौत, सड़क जाम

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धनबाद के केंदुआडीह थाना क्षेत्र में जहरीली गैस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। गैस के प्रभाव से अब तक दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। बीती शाम प्रियंका देवी की मौत हुई थी, वहीं आज ललिता देवी ने भी दम तोड़ दिया। हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

इन्हीं घटनाओं के विरोध में आज सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने धनबाद–रांची मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। लोगों ने टायर जलाकर जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराज़गी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक सुरक्षित पुनर्वास नहीं दिया जाता और जहरीली गैस के स्रोत को चिह्नित कर बंद नहीं किया जाता, तब तक जाम जारी रहेगा। लगभग चार घंटे की वार्ता के बाद प्रशासन के आश्वासन पर जाम हटा लिया गया।

स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार ठाकुर के मुताबिक, मृत महिला की तबियत अचानक बिगड़ी और मुंह से झाग आने लगा। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने आशंका जताई कि मौत गैस के प्रभाव और सांस रुकने से हो सकती है। उनके अनुसार अब तक 15–20 लोग बीमार पड़ चुके हैं और यदि गैस रिसाव नहीं रुका, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।

वहीं शेख मोहम्मद ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से सिर्फ नोटिस दिए जा रहे हैं, लेकिन वैकल्पिक जगह उपलब्ध नहीं कराई गई। गैस पूरे इलाके में फैल चुकी है और लोग लगातार बीमार हो रहे हैं।

पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने बीसीसीएल प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्थानों को असुरक्षित घोषित किया गया, लेकिन रहने के लिए उपयुक्त विकल्प उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने डीजीएमएस, सीआईएमएफआर और आईएसएम जैसे विशेषज्ञ संस्थानों की संयुक्त बैठक बुलाकर तत्काल समाधान निकालने की मांग की।

हालात इतने खराब हैं कि कई परिवार घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। बीसीसीएल की टीम माइक से लोगों को तुरंत इलाके से हटने की अपील कर रही है। गैस का असर राजपूत बस्ती, मस्जिद मोहल्ला, ऑफिसर कॉलोनी सहित करीब दस हजार आबादी वाले इलाके में महसूस किया जा रहा है।

बीसीसीएल पीबी एरिया के जीएम जी. साहा ने बताया कि प्रभावित लोगों को शिफ्ट करने के लिए दो टेंट बनाए गए हैं। उनका कहना है कि यह इलाका अग्नि प्रभावित है और वर्षों पहले इसे असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, लेकिन लोग यहां से स्थानांतरित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि स्थायी समाधान तभी संभव है, जब पूरा क्षेत्र खाली कराया जाए।

पुटकी सीओ आनंद कुमार ने बताया कि डीजीएमएस की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और गैस को रोकने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की और कहा कि मौत के कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होंगे। प्रशासन सभी मांगों पर विचार कर रहा है और जल्द बैठक कर समाधान निकाला जाएगा।

उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उचित उपचार की व्यवस्था कर रही है।

केंदुआडीह थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय के अनुसार, अब तक गैस के प्रभाव से दो लोगों की मौत हो चुकी है। आगे कोई नुकसान न हो, इसके लिए कार्रवाई तेज़ की गई है, और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर जाम खत्म करवाया गया है।

 

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