Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
रांची:
राज्य में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अपराध अनुसंधान विभाग (CID) द्वारा संचालित ‘प्रतिबिंब ऐप’ पर हाल के दिनों में शिकायतों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शिकायतों की यह बढ़ोतरी अब ऐप की कार्यक्षमता पर असर डाल रही है।
सूत्रों के अनुसार, बढ़ते डेटा लोड और तकनीकी दबाव के कारण ऐप का संचालन सुचारू नहीं रह गया है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) ने सीआईडी के आईजी को प्रतिबिंब ऐप की तकनीकी और परिचालन क्षमता की विस्तृत समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
साथ ही, डीजीपी ने साइबर अपराध नियंत्रण के एक और महत्वपूर्ण साधन ‘डायल-1930’ हेल्पलाइन की व्यवस्था की भी गहन समीक्षा करने को कहा है, ताकि पीड़ितों को त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सके।
—
🔍 तकनीकी संसाधनों की समीक्षा के निर्देश
प्रतिबिंब ऐप के सुचारू संचालन के लिए डीजीपी ने मोबाइल फोन, सिम कार्ड, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर जैसे आवश्यक संसाधनों की पर्याप्तता की जांच करने का आदेश दिया है।
यदि मौजूदा सर्वर क्षमता, डेटा स्टोरेज, प्रोसेसिंग स्पीड या नेटवर्क बैंडविड्थ बढ़ती शिकायतों और डेटा वॉल्यूम को संभालने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें तुरंत अपग्रेड करने की सिफारिश की जाएगी।
—
🚨 पांच जिलों से चल रहा है साइबर अपराध का नेटवर्क
प्रतिबिंब ऐप से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राज्य में साइबर अपराध मुख्य रूप से देवघर, दुमका, जामताड़ा, गिरिडीह और धनबाद जिलों से संचालित हो रहे हैं।
इन जिलों से ही साइबर ठग मोबाइल फोन और सिम कार्ड का उपयोग कर देशभर में फर्जीवाड़े की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
डीजीपी ने इन सभी ‘साइबर हॉटस्पॉट’ जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) के साथ तत्काल ऑनलाइन बैठक कर स्थिति की समीक्षा करने और ठोस कार्रवाई की रूपरेखा तैयार
करने के निर्देश दिए हैं।