धनबाद में छाया जादूगर सिकंदर का जादू, न्यू टाउन हॉल में दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
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धनबाद। न्यू टाउन हॉल का माहौल शुक्रवार की शाम जादुई रंग में रंगा हुआ था। मंच पर थे प्रसिद्ध जादूगर सिकंदर, और उनके हर करतब पर दर्शकों की तालियाँ और हैरत भरी आवाज़ें गूँजती रहीं। बच्चे, युवा और बुज़ुर्ग – सभी उनकी जादुई दुनिया में खोए रहे।

कबूतर से लेकर उड़ती युवती तक – हर जादू ने किया चकित
कार्यक्रम की शुरुआत कबूतरों के करतब से हुई। इसके बाद मंच पर तैरती युवती का दृश्य देख दर्शकों की आँखें फटी रह गईं।
बच्चों को खूब भाया “टोपी से खरगोश निकालना” और “गायब होती गेंद” का खेल।
जब जादूगर सिकंदर ने एक दर्शक की घड़ी मंच से गायब कर पलक झपकते ही उनकी जेब से निकाल दी, तो पूरा हॉल तालियों और ठहाकों से गूँज उठा। उनका “ताश का खेल” भी दर्शकों के बीच खास आकर्षण रहा।
दर्शकों ने कहा – ‘ऐसे कार्यक्रम बार-बार होने चाहिए’
न्यू टाउन हॉल खचाखच भरा हुआ था। लोग परिवार के साथ कार्यक्रम का आनंद लेने पहुँचे।
सीमा देवी (गृहिणी) ने कहा – “धनबाद में ऐसे कार्यक्रम बार-बार होने चाहिए।”
वहीं अमित कुमार (व्यवसायी) ने कहा – “जादू केवल बच्चों का खेल नहीं बल्कि कला है। लाइव देखने पर समझ आता है कि इसके पीछे कितनी मेहनत है।”
जादू सिर्फ मनोरंजन नहीं, विज्ञान और कला का संगम – सिकंदर
करीब दो दशक से जादू की दुनिया में सक्रिय जादूगर सिकंदर भारत के साथ विदेशों में भी प्रस्तुति दे चुके हैं।
उन्होंने कहा – “जादू केवल मनोरंजन नहीं, यह विज्ञान और कला का संगम है। मेरा उद्देश्य है कि लोग तनाव भरे जीवन में कुछ पल हँस सकें।”
विशेषज्ञों का मानना है कि जादू असल में भ्रम और विज्ञान का मेल है। तेज़ हाथों की गति, प्रकाश और छाया का संतुलन, और मानसिक एकाग्रता से जादूगर दर्शकों को आश्चर्यचकित कर देता है।
न्यू टाउन हॉल के इस शो की टिकटें कार्यक्रम से पहले ही बिक गईं। आयोजकों ने बताया कि दर्शकों की भारी दिलचस्पी को देखते हुए आगे और भी जादू शो आयोजित किए जाएँगे।
धनबादवासियों के लिए यादगार रही यह शाम
धनबादवासियों के लिए यह शाम एक अविस्मरणीय अनुभव बन गई। जादूगर सिकंदर ने साबित किया कि जादू की लोकप्रियता आज भी उतनी ही है जितनी पहले थी।