धनबाद: अंकुर बायोकेम के मालिक से मांगी गई 15 करोड़ की रंगदारी, वासेपुर गैंग पर FIR दर्ज
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!धनबाद, झारखंड | Prime News 24
धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र स्थित तेतुलिया गांव की औद्योगिक यूनिट अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड के मालिक महेंद्र शर्मा को एक बार फिर गैंगस्टरों के निशाने पर लिया गया है। इस बार सीधे 15 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है — और आरोप लगा है वासेपुर के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गुर्गे ‘मेजर’ पर।
व्हाट्सएप पर धमकी, वर्चुअल नंबर से संपर्क
महेंद्र शर्मा को यह धमकी व्हाट्सएप मैसेज और वॉइस कॉल के माध्यम से एक वर्चुअल नंबर से दी गई। आरोपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि रकम नहीं दी गई, तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। शर्मा ने इस पूरे मामले की जानकारी निरसा थाना पुलिस को दी, जिसके बाद FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज़ कर दी गई है।
रंगदारी और धमकी के मामले की गंभीरता को समझते हुए धनबाद पुलिस प्रशासन ने महेंद्र शर्मा की सुरक्षा बढ़ा दी है। उनकी फैक्ट्री पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि महेंद्र शर्मा की एक यूनिट पश्चिम बंगाल के आसनसोल में भी है, जहां उन्होंने स्थानीय पुलिस से अलग से सुरक्षा मांगी है।
कौन है ‘मेजर’? क्या है प्रिंस खान से संबंध?
‘मेजर’ कोई एक व्यक्ति नहीं बल्कि वासेपुर गैंग में कई बार इस्तेमाल होने वाला छद्म नाम है, जिसे रंगदारी मांगने और धमकाने के लिए उपयोग में लाया जाता रहा है। आमतौर पर जब भी मेजर का नाम सामने आता है, तो प्रिंस खान, गोपी खान और उनके करीबी सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी का नाम सामने आता है। ये तीनों लंबे समय से फरार हैं और दुबई से गैंग ऑपरेट करने की आशंका जताई जा रही है।
तकनीकी जांच में जुटी पुलिस, केंद्रीय एजेंसियां भी अलर्ट
निरसा थाना की पुलिस अब धमकी देने वाले वर्चुअल नंबर की तकनीकी जांच में जुटी है। कॉल डिटेल्स, आईपी एड्रेस और नेटवर्क सोर्स के ज़रिए आरोपी की लोकेशन और पहचान पता लगाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही झारखंड पुलिस, आसनसोल पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी इस मामले में तालमेल के साथ काम कर रही हैं।
महेंद्र शर्मा: रियल एस्टेट से लेकर इंडस्ट्री तक फैला कारोबार
गौरतलब है कि महेंद्र शर्मा का बिजनेस साम्राज्य सिर्फ बायोकेमिकल इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है। वे रियल एस्टेट, खनन और परिवहन जैसे कई क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इसी कारण उनका नाम अपराधियों की रंगदारी लिस्ट में बार-बार आता रहा है।
क्या पुलिस इस बार प्रिंस खान गैंग तक पहुंच पाएगी? क्या वासेपुर की अंडरवर्ल्ड सक्रियता पर लगाम लग सकेगी?