सेन्द्रा मौजा में बीसीसीएल बनाम रैयतों का ज़मीन विवाद फिर गरमाया, आउटसोर्सिंग कार्य ठप
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लोयाबाद/धनबाद, 22 जुलाई 2025
कनकनी कोलियरी अंतर्गत सेन्द्रा मौजा में रैयतों और बीसीसीएल के बीच वर्षों से चल रहा जमीन विवाद एक बार फिर उग्र हो गया है। रविवार दोपहर से आउटसोर्सिंग कंपनी रामावतार का संचालन पूरी तरह ठप है।
आंदोलन की प्रमुख बातें:
78 बीघा ज़मीन को लेकर बीसीसीएल और रैयतों में विवाद।
रैयतों का आरोप: “बीसीसीएल ने बिना वैध अधिग्रहण दस्तावेज़ के ज़मीन कब्जा ली।”
रैयत दिलीप मास्टर ने अपने तीन डिसमिल ज़मीन पर दावा कर कंपनी का मुख्य मार्ग अवरुद्ध कर दिया।
इसके बाद 10 रैयती परिवारों को नियोजन से हटाया गया, आरोप पक्ष का दावा।
आंदोलन की अगुवाई रैयती महिलाएं कर रही हैं – जो लगातार साइट पर डटी हैं।
मामला कोर्ट में विचाराधीन है, और रैयतों ने उपायुक्त को पूर्व में सूचना भी दी थी।
कंपनी और प्रशासन की प्रतिक्रिया:
परियोजना पदाधिकारी गोपाल जी ने कहा: “जमीन बीसीसीएल की है और राष्ट्रीयकरण के बाद संपत्ति कंपनी की हो चुकी है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा: “अगर आउटसोर्सिंग कंपनी लिखित शिकायत करती है, तो कानूनी कार्रवाई संभव है।”
आंदोलन में शामिल प्रमुख महिलाएं:
रोहणी देवी, अनीता देवी, संगीता देवी, अष्ठमी देवी, चम्पा देवी, रीता देवी, मीरा देवी, पूर्णिमा देवी, निरोपा देवी, रोशनी देवी, सुकूम देवी, मीना देवी समेत दर्जनों ग्रामीण महिलाएं शामिल हैं।