धनबाद में बर्बादी की बारिश, नगर निगम की खुली पोल

धनबाद में बर्बादी की बारिश, नगर निगम की खुली पोल

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एक घंटे की बारिश, आठ फीट पानी और जलजमाव का कहर

धनबाद शहर में शुक्रवार को हुई करीब एक घंटे की मूसलधार बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पूरी हकीकत उजागर कर दी।
बैंक मोड़ स्थित आस्था संतोष प्लाजा बिल्डिंग और उसके आस-पास के इलाके में 8-9 फीट तक पानी भर गया, जिससे पूरा इलाका जलप्रलय में तब्दील हो गया।

निवासियों के मुताबिक यह स्थिति नई नहीं है, लेकिन इस बार हालात बेहद खतरनाक हो गए। कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को अपने घर छोड़ने तक की नौबत आ गई।

घरेलू सामान बह गया, गाड़ियाँ बेसमेंट में डूब गईं और बिजली की आपूर्ति भी बाधित हो गई। स्थानीय महिला रीता देवी का कहना है:

“हर साल यही होता है, लेकिन इस बार तो हम सब कुछ खो बैठे।”

नाला बंद, नाली जाम – यही है जलजमाव की जड़

स्थानीय लोगों का दावा है कि पहले इलाके में एक बड़ा नाला था जो वर्षा जल की निकासी करता था।
लेकिन नगर निगम ने उसे बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बंद कर दिया। नाली की सफाई न होने से मामूली बारिश भी भारी जलजमाव में बदल जाती है।

निवासियों ने कई बार नगर निगम को इस समस्या की जानकारी दी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हर साल बारिश के मौसम में अधिकारी आकर “निरीक्षण और फोटोशूट” कर चले जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठता।

क्या धनबाद नगर निगम बताएगा कि नाले को क्यों बंद किया गया?

क्या नाली सफाई का कोई शेड्यूल है?

मानसून पूर्व तैयारियों के नाम पर क्या सिर्फ खानापूर्ति होती है?

निवासियों की मांग है कि:

नाले को फिर से खोला जाए या नया जल निकासी मार्ग बनाया जाए।

वर्षा से पूर्व नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

मानसून के दौरान नगर निगम की एक इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम बनाई जाए।

धनबाद के लोग हर मानसून में “प्राकृतिक नहीं, प्रशासनिक आपदा” झेलते हैं। अब देखना है कि इस बार नगर निगम कुछ ठोस करता है या फिर अगली बारिश में शहर फिर से डूबेगा?

 

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