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धनबाद।
धनबाद जिला के कतरास स्थित लिलोरी मंदिर के पीछे शाखाटांड़ इलाके में अवैध कोयला कारोबार ने अब विकराल रूप ले लिया है। इस गोरखधंधे से न सिर्फ सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस अवैध कोयला तस्करी सिंडिकेट का संचालन समीर चक्रवर्ती, नरेंद्र यादव और कोका उरांव जैसे नामचीन तस्कर कर रहे हैं। हर दिन लगभग 5-6 गाड़ियों में कोयला भरकर बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की ओर भेजा जा रहा है। यह सारा काम रात के अंधेरे में किया जाता है, जिससे प्रशासन की आंखों में धूल झोंकी जा सके।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इन भारी वाहनों की आवाजाही से क्षेत्र की सड़कों की हालत बदतर हो चुकी है। धूल और ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ रास्तों पर ट्रकों की लगातार आवाजाही से बच्चों और बुजुर्गों का निकलना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस तस्करी के पीछे कुछ वर्दीधारी संरक्षण दे रहे हैं, जिसके कारण सिंडिकेट का हौसला लगातार बढ़ता जा रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही कोई रोकथाम।
अब सवाल यह है कि प्रशासन कब जागेगा? क्या बाघमारा पुलिस और जिला प्रशासन इस काले कारोबार पर लगाम लगाएंगे या फिर ग्रामीणों को इसी तरह मुसीबतों से दो-चार होना पड़ेगा?
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि अवैध कोयला कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।