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स्क्रीन टाइम बढ़ने से मानसिक विकास पर गहरा प्रभाव, माता-पिता को चेताया गया
नई दिल्ली, 10 जुलाई 2025 — देश की शीर्ष चिकित्सा संस्था एम्स (AIIMS) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में मोबाइल की लत को बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक करार दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों में स्क्रीन टाइम का अत्यधिक बढ़ना अब एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है।
एम्स द्वारा देशभर के हज़ारों बच्चों पर किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जो बच्चे घंटों मोबाइल, टैबलेट या अन्य स्क्रीन डिवाइस के साथ वक्त बिताते हैं, उनमें कई चिंताजनक लक्षण देखे जा रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
चिड़चिड़ापन
नींद की कमी
पढ़ाई में ध्यान की कमी
भावनात्मक अस्थिरता और सामाजिक अलगाव
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में बच्चों के मानसिक विकास पर इसका गंभीर असर हो सकता है।
रिपोर्ट में माता-पिता से अपील की गई है कि वे बच्चों की डिजिटल गतिविधियों की निगरानी करें, उन्हें खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और पारिवारिक समय की ओर प्रेरित करें, ताकि उनका समुचित मानसिक विकास सुनिश्चित हो सके।
एम्स की यह रिपोर्ट समाज और नीति-निर्माताओं के लिए भी चिंतन और कार्रवाई
का विषय बन चुकी है।