लोयाबाद क्षेत्र में लगातार बारिश से कोलियरी और जनजीवन प्रभावित, तीनों परियोजनाओं में उत्पादन ठप

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लोयाबाद (धनबाद):

लोयाबाद क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश ने बीसीसीएल की तीन प्रमुख परियोजनाओं — बांसजोड़ा, बासदेवपुर और कनकनी कोलियरी — की स्थिति पूरी तरह से बिगाड़ दी है। तीनों कोलियरियों में कोयला और ओबी (ओवर बर्डन) उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है। वाहन खनन क्षेत्र से बाहर खड़े कर दिए गए हैं और खदानों में पानी भरने से कामकाज रुक गया है।

बासदेवपुर कोलियरी का कार्यालय भी हुआ बेहाल

बारिश के कारण बासदेवपुर कोलियरी कार्यालय की छत से पानी टपक रहा है, जिससे कार्मिक प्रबंधक, परियोजना प्रबंधक, सर्वे विभाग, हाजिरी घर, गार्ड रूम, टूल्स रूम व फीटर रूम जैसे विभागों का कामकाज बाधित है। कागजी दस्तावेज खराब हो रहे हैं और कर्मचारियों में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, क्योंकि छतें जर्जर स्थिति में हैं।

तीनों परियोजनाओं में हुआ उत्पादन नुकसान:

कनकनी कोलियरी: रोजाना करीब 4000 टन ओबी और कोयला उत्पादन होता है, पर बारिश के कारण कार्य ठप।

बांसजोड़ा परियोजना: यहां प्रतिदिन लगभग 24,000 टन ओबी और 6000 टन कोयले का उत्पादन होता है, लेकिन बारिश ने डिस्पैच पर सीधा असर डाला है।

बासदेवपुर कोलियरी: जहां रोजाना करीब 1800 टन ओबी और 100 टन कोयले का उत्पादन होता था, अब पूरी तरह बंद है।

बीसीसीएल को हो रहा भारी आर्थिक नुकसान, साथ ही कर्मचारी भी असुविधा झेल रहे हैं।

अस्पताल और ग्रामीण इलाका भी प्रभावित

लोयाबाद क्षेत्रीय अस्पताल और कोलियरी डिस्पेंसरी की हालत भी दयनीय हो गई है। अस्पताल की छत से भी पानी टपक रहा है और कई जगहों से पानी तेजी से भीतर घुस रहा है। इधर कई ग्रामीण इलाकों में घरों के अंदर पानी घुस गया है, जिससे लोग रातभर पानी निकालने में लगे रहे।

बांसजोड़ा 12 नंबर में जहरीली गैस की परेशानी

बारिश के बाद बांसजोड़ा 12 नंबर में भूमिगत गैस रिसाव की समस्या सामने आई है। जहरीली गैस के धुएं और बदबू से ग्रामीणों में डर और असुविधा बढ़ गई है।

प्रशासन का वर्जन:

> “शीघ्र ही कार्यालयों की मरम्मत कराई जाएगी। मरम्मत प्रक्रिया कागजी तौर पर चल रही है। सिविल इंजीनियर को जानकारी दे दी गई है।”

– मंतोष कुंडू, पीओ, बासदेवपुर कोलियरी

निष्कर्ष:

बारिश ने जहां उत्पादन पर ब्रेक लगा दिया है, वहीं जनजीवन और स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में बीसीसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को त्वरित राहत और मरम्मती

कार्य पर ध्यान देना आवश्यक है।

 

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