रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 11वीं परीक्षा को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। परीक्षा में मेन्स स्तर पर फेल हुए राजेश प्रसाद सहित 54 अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने JPSC से जवाब तलब किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2025 को होगी।इससे पहले आज याचिका की सुनवाई जस्टिस दीपक रौशन की एकलपीठ में हुई। अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता कुमार हर्ष ने कोर्ट के समक्ष पक्ष रखा। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि वे सभी प्रीलिम्स परीक्षा में सफल हुए थे, लेकिन मेन्स परीक्षा में अयोग्य घोषित कर दिए गए, जिससे वे इंटरव्यू तक नहीं पहुंच सके।प्रार्थियों ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि:
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!• JPSC द्वारा जारी की गई मेरिट सूची को रद्द किया जाए,
• उनकी उत्तर पुस्तिकाओं (Answer Sheets) की पुनः जांच कराई जाए।
झारखंड : गौरतलब है कि JPSC ने पिछले वर्ष विज्ञापन संख्या 1/2024 के अंतर्गत यह भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। कुल 370 पदों पर नियुक्ति के लिए यह परीक्षा आयोजित की गई थी। आयोग द्वारा मेरिट सूची जारी कर दी गई है और इंटरव्यू की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
लेकिन मेन्स में फेल करार दिए गए इन अभ्यर्थियों का आरोप है कि मूल्यांकन में गंभीर त्रुटियां हुई हैं, जिससे उनका करियर प्रभावित हो रहा है।अब सभी की नजरें 21 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां JPSC को अपने मूल्यांकन और मेरिट प्रक्रिया पर जवाब देना होगा।