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झारखंड: झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता के मामले में केंद्र सरकार ने एक बार फिर से राज्य को पत्र भेजा है. इस पत्र के माध्यम से अनुराग गुप्ता को डीजीपी के पद से हटाने की बात कही गयी है. इससे पहले भी दो बार केंद्र ने इससे संबंधित पत्र राज्य भेजा है. इधर राज्य की ओर से सेवा विस्तार की बात कही जा रही है.
3 दिन पहले राज्य को मिला पत्र
केंद्र द्वारा भेजे पत्र में लिखा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय उन्हें सेवानिवृत मानता है. ऐसे में इस मामले में राज्य सरकार द्वारा आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए. यह पत्र 3 दिन पहले ही राज्य सरकार को मिला है. सीएम हेमंत सोरेन को भी इससे अवगत कराया गया है. इस मुद्दे पर अधिकारियों ने मंथन भी किया है.
आखिर क्या है पूरा मामला?
डीजीपी अनुराग गुप्ता की सेवानिवृति 30 अप्रैल को होनी थी, लेकिन इससे पूर्व ही राज्य सरकार ने जनवरी में नियम बनाकर अनुराग गुप्ता को 2 फरवरी से दो सालों तक के लिए सेवा विस्तार दे दिया था. इसी कारण श्री गुप्ता 30 अप्रैल के बाद पद पर बने रहें. इधर भारत सरकार ने ऑल इंडिया सर्विस रूल्स का हवाला देते हुए उनकी सेवा विस्तार को सही नहीं माना है. साथ ही इसे नियम का उल्लंघन भी माना जा रहा है. केंद्र का कहना है कि अनुराग गुप्ता का पद पर बने रहना असंवैधानिक है.