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हजारीबाग
चौपारण : जहां मेंहदी रचनी थी, वहां अब अफसोस की राख जम चुकी है। चौपारण थाना क्षेत्र के जगदीशपुर में रिश्तेदारी में आई एक लड़की ने ऐसा इश्क रचाया कि दो घरों की इज्जत दांव पर लग गई। पिपराही, चंदवारा निवासी यह युवती जगदीशपुर अपने मामा के घर शादी समारोह में आई थी। लेकिन मेहमान बनकर आई बेटी को वहीं मोहब्बत की बयार बहा ले गई। वह गांव के ही युवक रोहित कुमार संग चुपचाप भाग गई, जबकि उसकी शादी सुभाष यादव से तय थी। 15 मई को बारात आनी थी। सबकुछ तय था। लेकिन मोहब्बत ने रिश्तों की दीवार तोड़ दी। पिता शंकर यादव को जब इस भागने की खबर मिली, तो वो टूट गये। चौपारण थाना पहुंचे, और लिखा, “मेरी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है रोहित।” थाने का शिकंजा कसते ही प्रेमी रोहित ने युवती को घर के बाहर छोड़ दिया और खुद फरार हो गया। बेटी वापस लौटी, मगर पिता का दिल अब पत्थर बन चुका था। उन्होंने कह दिया – “मेरे घर की दहलीज उसके लिये नहीं।”
जिससे तय थी शादी, उसने भी ठुकराया।
दूसरे पक्ष के युवक सुभाष यादव ने साफ कहा, “अब ये रिश्ता नहीं हो सकता।” अब युवती थाने में बैठी है। आंसू से भीगी आंखों में एक ही जिद, “मुझे मेरे रोहित से ही शादी करनी है।” पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। प्रेमी रोहित कुमार की तलाश जारी है। इधर युवती की हालत ऐसी है, जैसे वक्त और समाज दोनों ने उसे बेगाना कर दिया हो। सबसे दुखद पहलू यह है कि जहां एक तरफ बाप की बेबसी है, दूसरी तरफ इश्क की जिद। जहां एक तरफ टूटता रिश्ता है, वहीं दूसरी तरफ भागा प्रेमी। जगदीशपुर की इस प्रेम कथा में नायक भाग गया, नायिका अकेली रह गई और बारात रास्ते में ही कहीं खो गई।