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ACB को पीड़ित व्यक्ति द्वारा लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि खोरीमहुआ डीसीएलआर के न्यायालय में लंबित म्यूटेशन अपील वाद (संख्या-74/2024-25) में आदेश पारित कराने के लिए लिपिक मनीष कुमार भारती ने डीसीएलआर के नाम पर 10,000 की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि बिना रिश्वत दिए आदेश पारित नहीं किया जाएगा।
शिकायत की जांच और सत्यापन के दौरान आरोप सही पाए गए। इसके बाद ACB धनबाद ने एक विधिवत मामला दर्ज कर टीम गठित की और गुरुवार को छापेमारी करते हुए आरोपी लिपिक मनीष कुमार भारती को अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय परिसर से रिश्वत की रकम लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।