धनबाद:लगातार कार्रवाई के बाद धनबाद के भी कई अपराधियों में दहशत है. वे अंडरग्राउंड हो गये हैं. अब उन्हें भी डर सता रहा है कि यदि वह किसी कांड में पकड़े जाते हैं, तो झारखंड पुलिस उन्हें छोड़ेगी नहीं.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!धनबाद में कई अपराधी सक्रिय
धनबाद जिले में कई बड़े आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं, जो लगातार रंगदारी और अपने वर्चस्व के लिए आये दिनों गोली-बारी करते रहते हैं. इन्हीं में से एक है वासेपुर का फरार गैंगस्टर प्रिंस खान. इसके गिरोह के भी कई गुर्गे धनबाद में सक्रिय थे.
अंडरग्राउंड हो चुके हैं अपराधी
हालांकि झारखंड पुलिस के कड़े रुख के बाद अभी वे अंडरग्राउंड हो चुके हैं. प्रिंस खान के दो भाई गॉडविन खान व बंटी खान जेल में है. एक भाई गोपी खान पिछले तीन सालों से अंडरग्राउंड है. बीच-बीच में वह आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहता है.
फिलहाल वह भी दहशत में है.
एटीएस ने कसी कमर, मार गिराये गये अपराधी : झारखंड एटीएस लगातार कार्रवाई कर रही है. 11 मार्च को रायपुर से रांची लाया जा रहा गैंगस्टर अमन साहू पलामू के चैनपुर क्षेत्र से भागने का प्रयास कर रहा था. इस दौरान एटीएस ने अमन साहू का एनकाउंटर कर दिया. वह वहीं ढेर हो गया. उसे छुड़ाने आये अन्य अपराधी भागने में सफल हुए थे. इसी तरह 26 मार्च को रांची के भाजपा नेता अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में भी रांची पुलिस ने एक शूटर रोहित वर्मा का एनकाउंटर किया. उसके पैर में गोली लगी. इसके अलावा 29 मार्च को यूपी के कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार अंसारी (अब मृत) गिरोह के शॉर्प शूटर अनुज कनौजिया को यूपी एटीएस व झारखंड एटीएस की टीम ने कार्रवाई करते हुए जमशेदपुर के गोविंदपुर क्षेत्र में एनकाउंटर कर दिया और उसकी मौत हो गयी.