अनियंत्रित ट्रैक्टर की चपेट में आने से स्कूटी सवार की मौत, आक्रोशित लोगों ने घंटों सड़क जाम कर दिया
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चिरकुंडा : कुमारधुबी ओपी क्षेत्र के नीतु डीजीटल एक्सरे के समीप अनियंत्रित ट्रैक्टर की चपेट में आने से एग्याकुंड पानी टंकी निवासी स्कूटी सवार युवक (36) वर्षीय की मौत हो गई। घटना के बाद उग्र भीड़ ने जीटी रोड को जाम कर दिया व खूब बवाल काटा। ट्रैक्टर चालक को भी खूब पीटा। बांस बल्ली लगा आठ घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। वाहनों में तोड़फोड़ की। जिससे एक कार व एक आटो क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस वाहन को भी निशाना बनाया गया। झामुमो जिलाध्यक्ष लखी सोरेन एवं जिप सदस्य गुलाम कुरैशी व स्थानीय प्रशासन द्वारा एक लाख रूपया नकद रकम देने व सरकारी सहयता देने के आश्वासन के बाद शाम पांच बजे सड़क जाम हटाया गया।के उचित आश्वासन पर शाम साढ़े पांच बजे रोड जाम हटा लिया गया। घटना सुबह साढ़े नौ बजे की है। मृतक टिंकू स्कूटी से अपनी मां को एक्स-रे कराने नीतू एक्स-रे क्लीनिक गया था।
स्कूटी में तेल कम था इसलिये वह चिरकुंडा से पेट्रोल भरा वापस लौटा। जैसे ही वह एक्स-रे क्लीनिक जाने के लिये मुड़ा स्कूटी ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। पत्थर लोड ट्रैक्टर का पिछला चक्का उसके शरीर पर चढ़ गया। जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गयी। चालक ने मौके से फरार होने का प्रयास किया। लेकिन लोगों ने दौड़ाकर उसे पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। ट्रैक्टर सहित चालक को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। लेकिन गलफरबाड़ी ओपी प्रभारी दीपक दास एवं एएसआई वींसेंट पूर्ति समय रहते तत्काल मौके पर पहुंचे। उग्र भीड़ से चालक को बचा ओपी ले आये। रोड जाम के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस की जमकर फजीहत कर दी। चालक को छुड़ाने के दौरान पुलिस को धक्का-मुक्की व गाली का सामना करना पड़ा। जिसमें गलफरबाड़ी ओपी प्रभारी दीपक दास एवं एएसआई विंसेंट पूर्ति को हल्की चोट भी आयी। लेकिन हिम्मत जुटा उग्र भीड़ से चालक की जान बचा ली। दोनों पुलिस पदाधिकारियों की इस हिम्मत की तारीफ हो रही है। मृतक टिंकू का दो पुत्री एवं एक पुत्र है। घटना के बाद से पत्नी व बुजुर्ग माता–पिता के अलावे अन्य का रो रोकर बुरा हाल था। टिंकू ही एकमात्र कमाऊ था। बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता साफ दिख रही थी। लोगों ने रोड जाम के दौरान नाबालिग व बिना लाइसेंस के चालकों पर कार्रवाई की मांग की। कहा कि जीटी रोड पर बिना लाइसेंस के चालक तेज गति से गाड़ी चलाता है। जिससे हमेशा सड़क दुर्घटना का डर बना रहता है। भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र में रोड अवरोधक (बंफर) लगाने की भी मांग की। कई चक्र चली वार्ता के बाद भी बात नहीं बनी।
कभी नौकरी की मांग तो कभी ट्रैक्टर चालक को हवाले करने की मांग कर रहे थे। जो संभव नहीं था।इसलिए वार्ता सफल नहीं हो पाया। मृतक के बड़े भाई मिंटू दुबे ने दो वर्ष पूर्व घरेलू कलह के कारण आत्म हत्या कर ली थी। इसके बाद टिंकू ही एकमात्र कमाऊ था। वह दिल्ली में एक कारखाना में काम करता था। भतीजी की शादी के लिये वह छुट्टी लेकर घर आया था। रविवार को भतीजी की शादी को लेकर लड़का का छेका कर बिहार से लौटा था। टिंकू की आकस्मिक मौत ने पूरे परिवार पर आर्थिक संकट डाल दिया है।