आस्था के सफर का दर्दनाक अंत, रो पड़ा पूरा गांव

हज़ारीबाग़ : प्रयागराज के संगम स्नान की पवित्र आस्था लिये निकले श्रद्धालुओं ने कभी नहीं सोचा था कि उनका यह सफर जीवन का आखिरी सफर बन जायेगा। बीते 20 फरवरी को यूपी के जौनपुर के बदलापुर थाना क्षेत्र में हुये सड़क हादसे में 7 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। जब 48 घंटे बाद उनके शव हजारीबाग पहुंचे, तो पूरा गांव रो पड़ा। जब पिता और पुत्र की अर्थी एक साथ उठी, तो वहां मौजूद हर लोगों के आंखों में आंसू छलक आये। पड़ोसी मतिया देवी का शव जब घर से निकला, तो चीत्कार गूंज उठी। तीन-तीन शव एक साथ श्मशान पहुंचे, तो पूरा गांव गमगीन हो गया। किसी के घर चूल्हा नहीं जला, हर गली में मातम पसरा रहा। गांव में पहुंचे हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल और विधायक प्रदीप प्रसाद ने शोकाकुल परिवारों को सांत्वना दी और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। गांव के कुछ लोगों ने बताया कि बीते 16 फरवरी को कनसार गांव से 10 श्रद्धालु प्रयागराज के महाकुंभ स्नान के लिये रवाना हुये थे। 20 फरवरी को लौटते समय उनकी गाड़ी जौनपुर जिले के बदलापुर थाना क्षेत्र में हादसे का शिकार हो गई। हादसे में तीन लोग घायल हुये। एक को छुट्टी दे दी गई, जबकि दो का इलाज अयोध्या में जारी है।

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