देवघर: बाबानगरी देवघर पर बसंत पंचमी का रंग पूरी तरह से चढ़ गया है. सोमवार को बसंत पंचमी के दिन बाबा बैद्यनाथ का तिलकोत्सव होगा. बाबा को तिलक चढ़ाने के लिए मिथिला से तिलकहरुए बड़े-बड़े कांवर लेकर बाबाधाम पहुंच चुके हैं. मिथिलावासियों से बाबा मंदिर सहित पूरा शहर पट गया है. हर तरफ बाबा को तिलक चढ़ाने आए तिलकहरुओं का हुजूम लग गया है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हर हो भोला और बम बम महादेव से गुंजायमान हुआ बाबा मंदिर
रविवार अहले सुबह से ही पूरा मंदिर परिसर ‘हर हो भोला’ और ‘बम बम महादेव, हर हर महादेव’ से गुंजयमान होता रहा. इन तिलकहरुओं का सोमवार दोपहर तक आना जारी रहेगा. रविवार को भीड़ के कारण जलार्पण करने वाले भक्तों की आम कतार मानसरोवर ओवरब्रिज तक पहुंच गयी थी.
शीघ्रदर्शन पास से मंदिर को हुई 18.81 लाख रुपए की कमाई
शीघ्रदर्शनम पास से भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया. मंदिर का पट बंद होने तक 6,273 कूपन जारी हुए और 300 रुपए की दर से मंदिर को कुल 18,81,900 रुपए की आमदनी हुई. पट बंद होने तक करीब सवा लाख भक्तों ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया.
जगह-जगह रही जाम की स्थिति
रविवार सुबह में तिलकहरुए बांस के पारंपरिक कांवर से गंगा जल निकालकर कांवर को फुट ओवरब्रिज गली की सड़क से लेकर पंडित शिवराम झा चौक एवं बीएन झा रोड पर ही रखकर जलार्पण के लिए निकल गये. इस कारण सड़क जाम हो गया. बाबा मंदिर परिसर की स्थिति इस बार ठीक-ठाक रही. कांवरियों को यहां भारी कांवर लेकर प्रवेश पर रोक लगा दिया था.
रात सवा नौ बजे के करीब बंद हुआ बाबा बैद्यनाथ का पट
सवा लाख कांवरियों ने किया जलार्पण, जारी हुए 6000 कूपन
आम से खास तक लगे कतार में, जमकर हुआ धार्मिक संस्कार
तिलकहरुओं के बड़े-बड़े कांवरों की संख्या दिखी कम
इस बार मंदिर परिसर में तिलकहरुओं के बड़े-बड़े कांवर की संख्या कम रही. जगह-जगह कुछ कांवर रखने के कारण अन्य भक्तों को एक मंदिर से दूसरे मंदिर में जाने में थेड़ी परेशानी हुई. मान्यता है कि कांवर को लांघकर नहीं जाना चाहिए. वहीं, मंदिर परिसर में स्थानीय आम श्रद्धालुओं सहित सफाईकर्मियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
आम से खास तक रहे कतार में
सुबह से लेकर देर शाम तक आम से लेकर खास लोग तक कतार में लगे रहे. पट खुलने से पहले कांवरियों की कतार जलसार पार्क तक दिखी. खास यानी कूपन वाली कतार सभी होल्डिंग प्वाइंट भरने के बाद नाथबाड़ी के द्वार तक पहुंच गयी थी. इस कारण करीब 4 घंटे तक कूपन व्यवस्था को रोककर भीड़ प्रबंधन के लिए काठ गेट का लगातार उपयोग किया गया.
जमकर हुआ धार्मिक संस्कार
शुभ तिथि होने के कारण बाबा मंदिर आये भक्तों ने जमकर अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठान एवं संस्कार कराये. इसमें सबसे अधिक भीड़ बच्चे का मुंडन एवं उपनय कराने वालों को देखा गया. मंदिर परिसर स्थित सभी मंदिरों के बरामदे पर सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग संस्कार कराते भक्तों को देखा गया.