धनबाद: कोयला चोरों का आतंक, पत्रकार पर हमला और अपहरण की कोशिश

धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र अंतर्गत राहुल चौक पर कोयला चोरों के दुस्साहस का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय पत्रकार निकेश पांडेय पर कोयला चोरों ने जानलेवा हमला किया और उनकी गाड़ी को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। यही नहीं, अपराधियों ने पत्रकार का अपहरण करने का भी प्रयास किया।

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स्थानीय लोगों ने बचाई जान

घटना के दौरान पत्रकार निकेश पांडेय की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए। लोगों ने साहस दिखाते हुए किसी तरह पत्रकार को अपराधियों के चंगुल से छुड़ाया। इस दौरान वहां अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस को दी गई सूचना

पत्रकार निकेश पांडेय ने तुरंत पुलिस को मामले की जानकारी दी और कतरास थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने हमले की पूरी जानकारी दी और कोयला चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

धमकी भरा फोन

घटना के बाद भी अपराधियों का दुस्साहस कम नहीं हुआ। पत्रकार निकेश पांडेय को फोन पर धमकी देते हुए कहा गया कि अगर थाने में शिकायत की तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

पत्रकारों में आक्रोश, पुलिस पर सवाल

इस घटना के बाद धनबाद के पत्रकारों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों ने कतरास थाना पहुंचकर अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हो रहे हमलों से साफ है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस प्रशासन इन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रहा है।

पुलिस का बयान

कतरास थाने के प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अपराधियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पत्रकार सुरक्षा की मांग

इस घटना ने धनबाद के पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है। पत्रकारों ने जिला प्रशासन और पुलिस से अपील की है कि वे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें और कोयला चोरों के खिलाफ सख्त कदम उठाएं।

निष्कर्ष

यह घटना पत्रकारों की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है। जब पत्रकार, जो समाज की सच्चाई को सामने लाने का काम करते हैं, स्वयं सुरक्षित नहीं हैं, तो यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के लिए गंभीर खतरा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस घटना को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों को कब तक सलाखों के पीछे पहुंचाता है।

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