जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा से संबंधित प्रश्न पत्र लीक मामले की सीबीआइ से जांच कराने की मांग को लेकर इसके अभ्यर्थी अब हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्हें झारखंड पुलिस की एसआइटी के माध्यम से चल रही जांच पर भरोसा नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि सीआइडी में दर्ज उक्त केस की एसआइटी भले ही जांच कर रही है, लेकिन उन्हें जांच पर भरोसा नहीं हो पा रहा है कि उन्हें इंसाफ मिलेगा ही। इस मामले में करीब 1200 अभ्यर्थी सीबीआइ से जांच कराने के पक्ष में हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अभ्यर्थियों ने सीआइडी को दिए थे आठ साक्ष्य
अभ्यर्थियों ने सीआइडी को आठ अलग-अलग साक्ष्य उपलब्ध कराए थे, जिनमें पांच मोबाइल फोन शामिल है। इन्हीं मोबाइलों से अलग-अलग केंद्रों पर वैसे अभ्यर्थियों की परीक्षा के पहले वीडियो व फोटो बनाई गई थी, जिन्हें पहले ही उत्तर मिल गया था और वे अपने कागज पर उसे उतार रहे थे। वाट्सएप व टेलीग्राम पर मिले उत्तर भी अभ्यर्थियों ने एसआइटी को उपलब्ध कराया है।
खुद डीजीपी कर रहे जांच की निगरानी
रांची के रातू थाने में दर्ज केस को टेकओवर करते हुए सीआइडी ने केस दर्ज किया था और इसकी जांच के लिए एसआइटी गठित की थी। एसआइटी की जांच की निगरानी स्वयं डीजीपी अनुराग गुप्ता कर रहे हैं। अबतक करीब दर्जनभर अभ्यर्थियों व साक्ष्य देने वालों से सीआइडी पूछताछ कर चुकी है। पिछले साल 21 व 22 सितंबर को आयोजित झारखंड जेनरल ग्रेजुएट लेवल कंबाइंड कंपटीटिव एग्जामिनेशन 2023 में 6.40 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया था