धनबाद-बोकारो की आठ फर्जी कंपनियों ने 17.89 करोड़ की जेएसटी चोरी की है. फेक रजिस्ट्रेशन के खिलाफ चलाये जा रहे मुहिम में इसका खुलासा हुआ है. इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गयी है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!धनबाद-बोकारो जिले के आठ फर्जी कंपनियों ने 17.89 करोड़ रुपये जीएसटी की चोरी की है. फेक रजिस्ट्रेशन के खिलाफ सेल्स टैक्स (राज्य कर) द्वारा चलाये जा रहे मुहिम में यह खुलासा हुआ है. पिछले दिनों धनबाद-बोकारो की 51 कंपनियों की जांच की गयी. इसमें आठ कंपनियों का कोई अस्तित्व नहीं मिला. इन फर्जी कंपनियों ने जिन कंपनियों को कोयला बेचा है, उन्हें विभाग द्वारा नोटिस भेजा जा रहा है. इसके अलावा फर्जी कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी प्रक्रिया शुरू की गयी है. मामला 2022-2024 का है.
कोयला की खरीद-बिक्री कर लिया गया आईटीसी का लाभ
धनबाद के वाणिज्यकर अधिकारी के मुताबिक कागज पर कोयला की खरीद-बिक्री कर आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ लिया गया. बिक्री में वाणिज्यकर को जो टैक्स मिलना चाहिए, उसे आईटीसी के साथ एडजस्ट दिखाकर फर्जी कंपनियों ने सरकार का 17.83 करोड़ का राजस्व का नुकसान किया है.
कैसे होता है खेल
फेक रेंट एग्रीमेंट, पेन नंबर से फर्जी कंपनी बनाकर ऑनलाइन निबंधन कराया जाता है. विभिन्न खदानों से जो दो नंबर का कोयला निकलता है, उस कोयले को एक नंबर बनाने के लिए फर्जी कंपनी के नाम से ऑन लाइन इ-वे बिल (परमिट) जेनेरेट किया जाता है. उस परमिट से कोयले को या तो राज्य के बाहर भेजा जाता है या स्थानीय भट्टों में खपाया जाता है.
बायोमीट्रिक प्रणाली होगी लागू, फर्जी कंपनियों पर लगेगा अंकुश
फेक रजिस्ट्रेशन पर अंकुश लगाने के लिए बायोमीट्रिक प्रणाली लागू की जा रही है. वाणिज्यकर (राज्य कर) पदाधिकारी के मुताबिक विभाग में बॉयोमीट्रिक प्रणाली के लिए मशीन लगायी जायेगी. मशीन में जब तक बॉयोमीट्रिक कैप्चर नहीं होगा. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी. लिहाजा बॉयोमीट्रिक प्रणाली के दौरान ही संबंधित व्यक्ति की पूरी कुंडली निकली जायेगी. इससे फर्जी कंपनी के रजिस्ट्रेशन पर अंकुश लगेगा.