धनबाद : बलियापुर में इन दिनों स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से चल रही अवैध कोयला तस्करी पर शनिवार को CISF ने बड़ी चोट करते हुए अलकडीहा के पहाड़ीगोड़ा, सुरंगा के अलावा कुसमाटांड़ में छापेमारी कर लगभग पचास टन अवैध कोयला जप्त किया है। इस अवैध कोयले का संचालक बलियापुर का मनीष है। जो कई माहों से पुलिस की शह पर अवैध कोयला तस्करी को अंजाम दे रहा था। इस दौरान CISF ने अवैध कोयला के साथ साथ कई अवैध माइंस की भी भराई की। जो मनीष के लिए दुधारू गाय साबित हो रही थी। फिलहाल CISF ने जप्त कोयले को BCCL प्रबंधन के सुपुर्द कर दिया है
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आप को बताते चले कि बलियापुर का मनीष की गिनती पुराने कोयला तस्करों में की जाती है। इन दिनों वह स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से अलकडीहा के पहाड़ीगोड़ा, सुरंगा के अलावा कुसमाटांड़ में डंके की चोट पर कोयला तस्करी को अंजाम दे रहा था। मनीष इन क्षेत्रों से हर रात सात से आठ ट्रक कोयला बलियापुर के भट्ठों में खफा रहा था। इस धंधे में उसके साथ पंकज, रोहन, प्रांजल, राहुल, और बादशाह नामक कोयला तस्कर भी थे। जो आउट सोर्सिंग से लेकर अवैध डिपो तक कोयला गिरवाने में रहते थे।
उसके इस काले साम्राज्य को लेकर स्थानीय लोगों ने पुलिस के आला अधिकारी और CISF को जानकारी दी। जिसके बाद शनिवार को CISF ने कार्रवाई करते हुए लगभग पचास टन अवैध कोयला जप्त किया। जबकि मौके का फायदा उठाते हुए मनीष और अन्य कोयला तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहे।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक घाघ कोयला तस्कर छापेमारी के बाद भी अपने कुछ चहेतों के जरिए मामले को मैनेज करने के लिए एड़ी चोटी की जोर लगाए हुए है। अब देखना है कि क्या मनीष एक बार फिर मैनेज करने में कामयाब हो पाता है या उसका काला साम्राज्य ध्वस्त ही रहेगा।