सारा खेल रंगदारी का है, एजेंट को भी चाहिए रंगदारी: देशराज चौहान
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!झरिया: धंनसार कोलियरी के विश्वकर्मा परियोजना में दोनों गुटों के विवाद के 24घंटे बाद बीसीसीएल प्रबंधन के वार्ता के बाद विश्वकर्मा का डिस्पैच और कांटा हुआ चालु। बता दे कि विश्वकर्मा प्रोजेक्ट के प्रबंधक के द्वारा धनसार के तालाब को ढकने और प्रदुषण के विरोध में युवा बेरोजगार मंच ने डिस्पैच व कांटा को बंद कर दिया था। युवा बेरोजगार मंच के समर्थन रामधीर सिंह के पुत्र वधू आसनी सिंह पार्षद मेनका सिंह विश्वकर्मा परियोजना पहुंचे और धरने पर बैठ गए। विश्वकर्मा परियोजना के एजेंट संजय सिंह के साथ वार्ता में 15 दिनो के आश्वसान दिया गया।
वही आसनी सिंह ने कहा कि बीसीसीएल अधिकारी के द्वारा 15 दिन का समय मांगा गया है अगर बीसीसीएल अधिकारी धनसार का एक मात्र तालाब में अगर खाद का पानी नहीं गिराया तो फीर से डिस्पैच ओर कांटा बंद करने का काम किया जायेगा। जिसके बाद दूसरे गुट के मजदूरों ने रोजी रोटी की मांग को लेकर कांटा और कोयला डिस्पैच चालु कराने को लेकर प्रबंधन खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मजदूर नेता देशराज चौहान ने कहा कि डिस्पैच ओर कांटा बंद होने से 400 मजदुरों के समक्ष रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। यह सारा खेल रंगदारी का है। एजेंट द्वारा कांटा पर से 150 रुपए रंगदारी वसूला जाता है। एजेंट को भी रंगदारी चाहिए।