किसान झंडों और तिरंगे के साथ आगे बढ़ने पर अड़ गये. इस दौरान किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और एक किसान को डिटेन कर लिया.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नई दिल्ली: अपनी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित कुछ मांगों को लेकर पंजाब और हरियाणा सीमा के शंभू बॉर्डर से 101 किसानों का जत्था आज शुक्रवार को दोपहर एक बजे दिल्ली के लिए पैदल निकला . खबर है कि पिछले नौ महीने से पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों ने शंभू बॉर्डर पर स्थित दो बैरिकेड्स पार कर अंबाला की ओर कूच किया, लेकिन हरियाणा पुलिस और पैरामिलिट्री बलों ने तीसरे बैरिकेड पर उन्हें रोक दिया. किसानों ने बैरिकेड्स और कंटीले तार उखाड़ दिये, जिससे तनाव और बढ़ गया.
हरियाणा पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी, लौट जायें
हरियाणा पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि वे वापस लौट जायें, लेकिन किसान झंडों और तिरंगे के साथ आगे बढ़ने पर अड़ गये. इस दौरान किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और एक किसान को डिटेन कर लिया. शंभू बॉर्डर पर तीन लेयर की बैरिकेडिंग की गयी है. सीमेंट की दीवारें बनाई गयी हैं, पुलिस व पैरामिलिट्री के करीब 1,000 जवान तैनात हैं. वज्र वाहन और एंबुलेंस भी मौजूद हैं. बता दें कि नायब सैनी सरकार ने हरियाणा की सीमा पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया है. इस बीच खबर आयी है कि हरियाणा सरकार ने आज जिले के 11 गांवों में मोबाइल इंटरनेट और एक साथ कई लोगों को संदेश भेजने की सुविधा (बल्क एसएमएस) को नौ दिसंबर तक निलंबित कर दिया है. बताया गया कि यह प्रतिबंध शुक्रवार दोपहर से अंबाला के दंगढेरी, लोहरगढ़, मनकपुर, दड़ियाना, बरी घेल, ल्हर्स, कालू माजरा, देवी नगर, सड्डोपुर, सुल्तानपुर और काकड़ू गांवों में लागू किया गया है.