Ranchi : सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर तंज कसा है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मुझे गर्व है कि जहां भाजपा राज में भूख से मौतें आम थी. वहीं आपकी अबुआ सरकार में हर झारखंडी को हक से राशन, पेंशन और पोषण मिल रहा है. केंद्र सरकार ने 10 साल में मध्याह्न भोजन और आंगनवाड़ी में बच्चों का बजट आधा कर दिया. केंद्रीय सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का बजट 40 प्रतिशत कम किया. झारखंड के 40 लाख गरीबों को राशन से वंचित रखा. मजदूरों के जीवनरेखा मनरेगा को आईसीयू में डाल दिया.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गरीबों के पेट पर सीधा वार किया
हेमंत ने आगे लिखा है कि केंद्र सरकार ने खाना खाने के लिए आधार अनिवार्य करके गरीबों के पेट पर सीधा वार किया. झारखंड की भाजपा राज में 11 लाख राशन और 3 लाख पेंशन रद्द किया इन सब का नतीजा रहा कि अनेक आदिवासी, दलित और पिछड़ों का भूख से मौत हुई.
अबुआ सरकार गरीबों का बना मसीहा
अबुआ सरकार ने पिछले पांच साल में ( 2 साल कोरोना सहित) सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में 40 लाख से ज्यादा बुजुर्ग, एकल महिलाओं और विकलांगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जोड़ा. मेहनतकश वर्ग के लिए पेंशन की उम्र 60 साल से कम करके 50 वर्ष किया. 20 लाख छुटे लोगों को जन वितरण प्रणाली से जोड़ा. 18-50 वर्ष की महिलाओं के लिए मंईयां सम्मान योजना लागू की गयी. मनरेगा मजदूरी बढ़ाया. जन वितरण प्रणाली में 5 किलो अनाज के जगह 7 किलो अनाज प्रति व्यक्ति दिया जा रहा है. पेंशन की राशि में बढ़ोत्तरी की गयी. मंईयां सम्मान योजना में 2500 रु प्रति माह की गयी. 10 लाख अतिरिक्त छुटे लोगों को राशन दिया जा रहा है. आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन में बच्चों को अंडा या फल प्रति दिन दिया जा रहा है.