आमटाल मोड़ की शराब दुकान पर डुप्लीकेट शराब को लेकर तूं-तूं मैं-मैं

आदर्श आचार संहिता में प्रतिबंधित सिर्फ विक्रेता नहीं डुप्लीकेट शराब भी है 

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धनबाद : झारखंड विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लगने के बाद अपराध हुआ विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रशासन की शख्ती की प्रतिक्रिया दिखने लगी है। धनबाद के आमटाल मोड़ स्थित शराब दुकान में बीती रात नकली शराब को लेकर ग्राहक और दुकानदार के बीच जमकर तूं तूं मैं मैं हुई। दुकानदार उक्त शराब को अपने दुकान का रहने से एतराज जाता रहा था जबकि ग्राहक इस बात पर पड़ा हुआ था कि यह उसी के दुकान की है। इस मामले में दुकानदार अपनी दबदबा ग्राहक पर ऐसे दिख रहा था मानो प्रशासन उसकी मुट्ठी में हो। जबकि ग्राहक बार-बार इस बात को दोहरा रहा था कि यह आप ही की दुकान की है फिर आप क्यों ऐतराज़ कर रहे हैं वह बार-बार शराब की बोतल की बैच नंबर को  दिखाकर दुकानदार को चुनौती दे रहा था।

स्थिति इतनी गर्म गर्मी की हो गई की अंत में दुकानदार भी थक कर इस बात पर सहमत हो गया कि वह शराब उसके हीं दुकान की है। सवाल यह है कि अगर वह शराब उसी की दुकान की है तो क्या उनके यहां डुप्लीकेट शराब मिलती है? और अगर मिलती भी है तो इसमें क्या उत्पाद विभाग की नजर उस पर है ? आदर्श आचार संहिता लागू होने पर प्रतिबंध केवल अवैध शराब विक्रेता पर ही नहीं डुप्लीकेट शराब विक्रेताओं पर भी प्रतिबंध है। फिर ऐसी छूट आखिर दुकानदार अपनी मनमर्जी से चल रहा है या फिर उसे पर नाजायज लेकर उत्पाद विभाग की भी सहमति है? यह सब विभाग के लिए जांच का विषय है तथा इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

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