पलामू में फर्जी मोबाइल फैक्ट्री का भंडाफोड़, ब्रांडेड नाम पर हो रहा था अवैध असेंबलिंग

पलामू में फर्जी मोबाइल फैक्ट्री का भंडाफोड़, ब्रांडेड नाम पर हो रहा था अवैध असेंबलिंग

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झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने एक अवैध मोबाइल फोन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जहां दो नामी ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर फर्जी तरीके से मोबाइल फोन असेंबल किए जा रहे थे। यह कार्रवाई पलामू पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर की।

पुलिस छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे
पलामू पुलिस ने पांकी थाना क्षेत्र के खाप गांव में छापेमारी कर
112 मोबाइल मदरबोर्ड
335 ब्रांडेड कंपनी के नाम वाले मोबाइल फोन
मोबाइल असेंबलिंग से जुड़ा अन्य सामान
बरामद किया है।

इस मामले में पुलिस ने
विकल्प कुमार (निवासी – खाप गांव)
रंजीत कुमार (निवासी – पांकी)
को गिरफ्तार किया है।

पश्चिम बंगाल से मंगाए जाते थे पार्ट, पलामू में होता था असेंबल
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि
मोबाइल के मदरबोर्ड पश्चिम बंगाल से खरीदे जाते थे,
जहां इनकी कीमत 200 से 250 रुपये होती थी,
वहीं असेंबलिंग के बाद इन्हें 600 से 700 रुपये में दुकानदारों को सप्लाई किया जाता था।

दुकानदार इन फर्जी मोबाइलों को
1000 से 1200 रुपये में
देश की दो नामी मोबाइल कंपनियों के नाम पर बेचते थे।
आईएमईआई को लेकर भी बड़ा संदेह
पुलिस को कई ऐसे दुकानदारों के नाम मिले हैं जो इस अवैध कारोबार से जुड़े थे।

अब पुलिस यह जांच कर रही है कि:
मोबाइल में लगे IMEI नंबर चोरी के हैं या नहीं,
या फिर वेस्ट मैटेरियल / पुराने मोबाइल से निकालकर इस्तेमाल किए गए हैं।

एसपी रिष्मा रमेसन का बयान
पलामू एसपी रिष्मा रमेसन ने बताया कि
“पश्चिम बंगाल से मदरबोर्ड मंगाकर स्थानीय स्तर पर मोबाइल असेंबल किए जा रहे थे। बरामद मोबाइल दो ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर हैं। संबंधित कंपनियों को सूचना दी जा रही है और आईएमईआई की गहन जांच की जा रही है।”

2017 में बंद हो चुका था मॉडल, तीन साल से चल रहा था फर्जी कारोबार
जांच में यह भी सामने आया कि जिन मोबाइल मॉडल्स को तैयार किया जा रहा था,
वे 2017 में ही कंपनियों द्वारा बंद कर दिए गए थे,
बावजूद इसके, आरोपी पिछले तीन वर्षों से ग्रामीण और शहरी इलाकों में मोबाइल बेच रहे थे।

छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी इस कार्रवाई में
थाना प्रभारी राजेश रंजन,
सब इंस्पेक्टर रवींद्र साय,
अनूप टोप्पो समेत कई पुलिस अधिकारी शामिल थे।
मामला दर्ज, जांच जारी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने कहा है कि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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