युवाओं को हर महीने मिलेंगे 5000 रुपये, सरकार शुरू करने जा रही ये नई योजना
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नयी दिल्ली : केंद्र सरकार युवाओं के लिए एक नई योजना शुरू करने जा रही है, जिससे युवाओं को नौकरियां मिलने में मदद होगी. साथ ही राहत के तौर पर उन्हें 5000 रुपये तक हर महीने दिए जाएंगे. ये एक नई योजना होगी, जिसके लिए गाइडलाइन जल्द ही जारी किया जा सकता है.
साथ ही सरकार युवाओं के लिए इस योजना के तहत नया पोर्टल भी डेवलप किया जाएगा. आइए जानते हैं इस योजना की पूरी डिटेल…
दरअसल, बजट 2024 में इंटर्नशिप स्कीम प्रस्तावित किया गया था, जिसे शुरू करने के लिए तैयारी जोरों पर है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार का कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय (MCA) जल्द ही केंद्र सरकार की इंटर्नशिप स्कीम की शुरुआत के लिए गाइडलाइंस जारी करने जा रहा है. इस योजना को अलग हफ्ते कभी भी पेश किया जा सकता है. साथ ही एक डेटिकेटेड इंटर्नशिप पोर्टल भी शुरू किया जाएगा.
क्या है योजना से जुड़े नियम और शर्त?
योजना का लाभ उठाने के लिए युवाओं को कुछ क्राइटेरिया को फॉलो करना होगा. बिना इस क्राइटेरिया के इस योजना का लाभ मिलना मुश्किल है. इस योजना के तहत इंटर्न की उम्र 21 से 24 साल के बीच होनी चाहिए. साथ ही उसके परिवार की सालाना इनकम 8 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. मौजूदा समय में फॉर्मल डिग्री कोर्स कर रहे या नौकरी करने वाले उम्मीदवार इस इंटर्नशिप योजना का हिस्सा नहीं बन सकेंगे. हालांकि ये उम्मीदवार ऑनलाइन कोर्स या वोकेशनल ट्रेनिंग में शामिल हो सकते हैं.
योजना के तहत क्या-क्या मिलेगा लाभ?
यह प्रोग्राम युवाओं को कॉर्पोरेट जगत की जरूरतों के मुताबिक स्किल डेवलपमेंट के जरिए उन्हें नौकरी व रोजगार दिलाने में मददगार साबित होगा. इसके तहत कई बड़ी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है. कंपनियां युवाओं को ट्रेनिंग देकर तैयार करेंगी और फिर इस योजना के तहत नौकरी मिलने में सहायता होगी.
हर इंटर्न को स्टाइपेंड दी जाएगी. इस योजना के तहत युवाओं को 5,000 रुपये हर महीने मिलेंगे. इसके लिए 500 रुपये कंपनियों के CSR फंड से मिलेंगे, जबकि 4,500 रुपए सरकार की ओर से दिए जाएंगे.
इसके अलावा सरकार हर इंटर्न को 6,000 रुपए का वन टाइम पेमेंट भी करेगी.
कंपनियां उठाएंगी खर्च
इंटर्नशिप योजना के तहत ट्रेनिंग के लिए पड़ने वाले फाइनेंशियल कॉस्ट को कंपनियों द्वारा वहन किया जाएगा. हालांकि वहां रहने और खाने का खर्च युवाओं को उठाना पड़ेगा, जो सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि से पूरी हो सकती है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य कंपनियों और युवाओं के बीच एक चेन बनाना है, ताकि लोगों को आसानी से नौकरी मिल सके और कंपनियों को अच्छे स्किल वाले कर्मचारी.