दून एक्सप्रेस से 78 जिंदा कछुए बरामद, तस्कर फरार
धनबाद। ऑपरेशन WILEP के तहत धनबाद आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने दून एक्सप्रेस में कार्रवाई करते हुए 78 जीवित कछुए बरामद किए हैं। कछुओं को चार लावारिस बैगों में भरकर ले जाया जा रहा था। हालांकि, जांच के दौरान किसी भी यात्री ने बैगों पर अपना दावा नहीं किया। बरामद कछुओं को वन विभाग को सौंप दिया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, धनबाद के निर्देश पर आरपीएफ पोस्ट धनबाद और सीआईबी की संयुक्त टीम को कछुआ तस्करी की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर 11-12 सितंबर की रात ट्रेन संख्या 13010 योग नगरी ऋषिकेश-हावड़ा दून एक्सप्रेस की जांच की गई।
ट्रेन के धनबाद स्टेशन पर करीब रात 2:30 बजे पहुंचने के बाद टीम ने इंजन से दूसरे जनरल कोच संख्या IR 201142C की तलाशी ली। इस दौरान दो थैले और दो पिठ्ठू बैग लावारिस हालत में मिले। आसपास मौजूद यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी बैग अपना होने की बात नहीं कही।
बैगों को बाहर से टटोलने पर अंदर कछुए होने का संदेह हुआ। इसके बाद चारों बैगों को प्लेटफॉर्म संख्या एक के हावड़ा छोर पर उतारकर उनकी जांच की गई। तलाशी के दौरान सफेद कपड़े के थैले से 31, डेनिम रंग के पिठ्ठू बैग से 16, हरे रंग के पिठ्ठू बैग से 19 और नीले रंग के बैग से 12 जीवित कछुए बरामद किए गए।
इस तरह कुल 78 जीवित कछुए बरामद हुए। आरपीएफ ने रात करीब 3:10 बजे सभी कछुओं को नियमानुसार जब्त कर लिया। बरामद कछुओं की पहचान इंडियन फ्लैपशेल (Lissemys punctata) प्रजाति के रूप में बताई गई है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत कछुओं को संरक्षण देते हुए आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया। वहीं, कछुओं को ट्रेन से ले जाने वाले व्यक्ति और बैगों के वास्तविक मालिक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। आरपीएफ पूरे मामले की जांच में जुटी है।