बराकर नदी पर बेजड़ा पुल का पाया धंसा, धनबाद-जामताड़ा मार्ग बंद; हजारों वाहनों का आवागमन रोका गया

बराकर नदी पर बेजड़ा पुल का पाया धंसा, धनबाद-जामताड़ा मार्ग बंद; हजारों वाहनों का आवागमन रोका गया

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पूर्वी टुंडी/धनबाद: धनबाद को जामताड़ा और संथाल परगना से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण बेजड़ा पुल पर बुधवार को बड़ा हादसा टल गया। बराकर नदी पर बने इस पुल का बीच का एक पाया अचानक धंसकर पूरब की ओर झुक गया। इसके कारण पुल की सड़क करीब एक फीट नीचे धंस गई और पुल की स्थिति बेहद खतरनाक हो गई।

घटना बुधवार सुबह करीब नौ बजे की बताई जा रही है। पुल का पाया नदी में दबने के बाद कुछ देर तक इस खतरनाक स्थिति के बावजूद वाहनों का आवागमन जारी रहा। बताया जाता है कि दोपहर करीब तीन बजे तक पुल से हजारों वाहन गुजरते रहे।

प्रशासन ने दोनों छोर पर खुदवाया ट्रेंच

पुल की स्थिति की सूचना मिलने के बाद पूर्वी टुंडी के अंचलाधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल और थाना प्रभारी नीतीश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पुल की स्थिति का जायजा लेने के बाद दोनों छोर पर जेसीबी से ट्रेंच खुदवाकर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया।

वहीं, जामताड़ा जिले के नारायणपुर सीओ अवीश्वर मुर्मू भी मौके पर पहुंचे और पुल की स्थिति का निरीक्षण किया।

बालू के अवैध उत्खनन से पुल की नींव कमजोर होने की आशंका

स्थानीय लोगों के अनुसार, बराकर नदी में बेजड़ा पुल के दोनों ओर लंबे समय से बड़े पैमाने पर बालू का अवैध उत्खनन होता रहा है। हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव भी काफी तेज है। आशंका जताई जा रही है कि लगातार बालू उठाव के कारण पुल के पाए के निचले हिस्से की मिट्टी और बालू हटने से उसकी नींव कमजोर हुई होगी।

हालांकि, पुल क्षतिग्रस्त होने के वास्तविक कारण की तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

तीन साल पहले भी क्रैक हुआ था पुल का पाया

बताया जाता है कि करीब तीन वर्ष पूर्व भी धनबाद जिले की ओर पुल के एक पाए में क्रैक आ गया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से पोखरिया चौक और दूसरी ओर जुरगुडीह के पास भारी वाहनों के आवागमन पर रोक से संबंधित सूचना बोर्ड लगाए गए थे। इसके बावजूद भारी वाहनों का आवागमन जारी रहने की बात सामने आई है।

धनबाद से जामताड़ा जाने वालों को करना होगा लंबा सफर

बेजड़ा पुल बंद होने के बाद धनबाद से जामताड़ा जाने वाले लोगों को अब वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना होगा। प्रशासन के अनुसार, मैरानवाटांड़ से कांसजोड़ पुल होकर जाने पर करीब 5 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।

वहीं, करमदाहा पुल के रास्ते जाने पर करीब 23 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी होगी।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बेजड़ा पुल की स्थिति को देखते हुए किसी भी परिस्थिति में पुल से आवागमन करने की कोशिश न करें। पुल पर आवागमन फिलहाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।

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