धनबाद में साइबर ठगी के संगठित गिरोह का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार; एक विधि विरुद्ध बालक निरुद्ध

धनबाद में साइबर ठगी के संगठित गिरोह का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार; एक विधि विरुद्ध बालक निरुद्ध

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धनबाद: धनबाद पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह फर्जी सिम कार्ड के जरिए UCO बैंक के ग्राहकों को निशाना बनाता था और KYC अपडेट तथा बैंक खाता बंद होने का झांसा देकर OTP हासिल कर खातों से रकम उड़ाता था।

सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने बताया कि दूरसंचार विभाग से मिली सूचना के आधार पर साइबर ठगी के इस नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि 1 जनवरी 2026 से 29 मई 2026 के बीच चिरकुंडा थाना क्षेत्र स्थित मुकेश स्टोर POS दुकान से कुल 64 संदिग्ध सिम कार्ड जारी किए गए थे। इनमें से 27 सिम कार्ड के खिलाफ NCRP पोर्टल पर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज थी।

मुकेश स्टोर से जारी हो रहे थे संदिग्ध सिम

वरीय अधिकारियों के निर्देश पर निरसा SDPO लिलेश्वर महतो के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने चिरकुंडा में ICICI बैंक के पास स्थित मुकेश स्टोर पर छापेमारी की, लेकिन दुकान बंद मिली।

पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर दुकान संचालक मुकेश राय के बारे में जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस को चिरकुंडा के लायकडीह निवासी आयुष सिंह के बारे में पता चला, जो अपनी ID का इस्तेमाल कर कई सिम कार्ड खरीदता था और कथित तौर पर उन्हें साइबर ठगी करने वाले गिरोह को ऊंची कीमत पर बेचता था।

पूछताछ में गिरोह के सदस्यों के नाम सामने आए

पुलिस पूछताछ में आयुष सिंह ने साइबर ठगी में शामिल प्रेम रविदास, बिनोद रविदास, गुलाब रविदास और मोहन रविदास के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम ने निरसा थाना क्षेत्र के मुगमा में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार प्रेम रविदास को गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है।

KYC अपडेट के नाम पर हासिल करते थे OTP

पुलिस के अनुसार, आरोपी मोबाइल फोन के जरिए UCO mPassbook और UCO Secure ऐप का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद बैंक ग्राहकों को KYC अपडेट कराने या बैंक खाता बंद होने का डर दिखाकर उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाला OTP हासिल करते थे।

OTP मिलते ही आरोपी कथित तौर पर खाताधारकों के बैंक खातों से रकम साइबर ठगी के जरिए वॉलेट में ट्रांसफर कर लेते थे। इसके बाद वॉलेट से रकम निकालकर गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दी जाती थी।

नौ अन्य सहयोगियों की भी तलाश

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने नौ अन्य सहयोगियों के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी है। ये सभी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

मोबाइल और सिम कार्ड समेत कई सामान बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई मोबाइल फोन, अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड और UCO बैंक के ग्राहकों के मोबाइल नंबर एवं खाता नंबर से संबंधित डाटा बरामद किया है।

पुलिस अब बरामद डाटा की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने अब तक कितने बैंक ग्राहकों को अपना निशाना बनाया और कितनी रकम की साइबर ठगी की गई।

BNS, IT Act और Telecom Act के तहत मामला दर्ज

मामले में चिरकुंडा थाना कांड संख्या 159/2026, दिनांक 10 अगस्त 2026 के तहत BNS, IT Act और Telecom Act की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है।

गिरफ्तार आरोपी

– प्रेम रविदास
– बिनोद रविदास
– गुलाब रविदास
– आयुष सिंह

वहीं, मोहन रविदास को विधि विरुद्ध बालक के रूप में निरुद्ध किया गया है।

पुलिस की कार्रवाई जारी

फिलहाल धनबाद पुलिस फरार नौ आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि साइबर ठगी का यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है।

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