हरलाडीह गांव से दबोचा गया, दो संदिग्ध भी हिरासत में; नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गिरिडीह: नक्सल विरोधी अभियान में गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। झारखंड सरकार द्वारा 25 लाख रुपये के इनामी घोषित कुख्यात माओवादी अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को पुलिस ने गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पीरटांड़ थाना क्षेत्र के हरलाडीह गांव में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। छापेमारी के दौरान दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि अजय महतो हरलाडीह निवासी करमू मांझी के घर में छिपा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने देर रात छापेमारी की और बिना किसी प्रतिरोध के अजय महतो को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उससे संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और अन्य सक्रिय नक्सलियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।
पारसनाथ क्षेत्र का सक्रिय जोनल कमांडर
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अजय महतो भाकपा (माओवादी) की स्पेशल एरिया कमेटी का सदस्य और पारसनाथ क्षेत्र का जोनल कमांडर रह चुका है। उसके खिलाफ हत्या, लेवी वसूली, पुलिस बल पर हमला, आईईडी विस्फोट, लूट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित 100 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई कई बड़ी नक्सली घटनाओं में उसकी संलिप्तता बताई जाती है। झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की पुलिस भी लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
यूएपीए समेत कई मामलों में होगी कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अजय महतो सहित 12 नक्सलियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और अन्य गंभीर मामलों में अभियोजन चलाने की प्रक्रिया पहले ही आगे बढ़ाई जा चुकी है। संबंधित प्रस्ताव को राज्य सरकार और गृह विभाग से स्वीकृति भी मिल चुकी है।
एसपी बोले— अभियान रहेगा जारी
गिरफ्तारी के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने इसे नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका बताते हुए कहा कि जिले में सक्रिय अन्य वांछित नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अजय महतो से पूछताछ में संगठन के नेटवर्क, सहयोगियों और भविष्य की गतिविधियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आएंगी।
यह गिरफ्तारी झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखी जा रही है।